Poetry Vibes : "वेदना" - सुना है.., लम्बी दूरी की ट्रेनें..? अनिल कुमार श्रीवास्तव जून 30, 2025सुना है... लम्बी दूरी की ट्रेनें..? कासगंज से चल कर वाया लखीमपुर बनारस को जाएगी चलने वाली है त्रि-साप्ताहिक ट्रेन अयोध्या दर्शन ... Continue Reading
#PoetryVibes : विश्व परिवार दिवस विशेष - "संयुक्त परिवार" एवं "पर्यावरण परिवार" अनिल कुमार श्रीवास्तव मई 15, 2025 तेजी से कम होते-टूटते जा रहे संयुक्त परिवार एकल परिवारों का चलन, बढ़ रहा है लगातार कारण कि सहन शक्ति होती जा रही है कम जरा-जर... Continue Reading
यूपी बजट पर आधारित काव्यकलिका : नव विकास की ओर अनिल कुमार श्रीवास्तव फ़रवरी 24, 2025 🔘 एक कविता प्रस्तुत है जो मुख्यमंन्त्री योगी जी के द्वारा प्रस्तुत उत्तर प्रदेश के बजट और राज्य के विकास की दिशा में किए गए प्र... Continue Reading
काव्य कलिका : भेडिये का आतंक अनिल कुमार श्रीवास्तव सितंबर 04, 2024 *अंगना दुआरि पर सोवै का,राती मा बहुत डेराइत है। *लेरुवन का छोट छोट अपने,आंखी तर धरे रखाइत है।। *आतंक कथा महसी वाली,जस टी वी औ अख... Continue Reading
चिकित्सक दिवस, चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस एवं स्टेट बैंक दिवस को समर्पित काव्य कलिकाएं अनिल कुमार श्रीवास्तव जुलाई 01, 2024 ● "चिकित्सक दिवस" चिकित्सक दिवस है, हम भी मनाएं निज सद्भावना शुभेच्छा इन्हें पहुंचाएं अपने डाक्टर प्रिय को... Continue Reading
काव्य कलिका : अपना लखीमपुर ...... रचना - शोभित यादव अनिल कुमार श्रीवास्तव जून 30, 2024 लखीमपुर में जन्म मिला, ये बात सौभाग्य से कम नहीं । क्यूंकि जननी जन्मभूमि से बढ़कर, है स्वर्ग का वैभव नहीं।। कोई नगर ... Continue Reading
काव्य कलिका : मन की बात - पं0 शिवकुमार शास्त्री अनिल कुमार श्रीवास्तव जून 28, 2024🔘 काव्य कलिका : मन की बात वह जीवन क्या, जिस जीवन का, अपना कोई आधार न हो। कहने को केवल अपने हों, अपनों का जिसमें प्यार न हो।। हो राग द्वेष ... Continue Reading
काव्य कलिका : काश! का आकाश - "लौटा दे कोई फिर से"..... अनिल कुमार श्रीवास्तव जून 28, 2024 🔘 "लौटा दे कोई फिर से" काश! लौट आते फिर गुजरे दिन पुराने वो बिताए थे कभी हमनें पल-छिन सुहाने जो बिंदास... Continue Reading
काव्य कलिका : "मैं बादल बन जाऊं" अनिल कुमार श्रीवास्तव जून 27, 2024 ● "मैं बादल बन जाऊं" कितना अच्छा हो मैं बादल बन जाऊं धरा समग्र पर बरस उसकी प्यास बुझाऊं... Continue Reading
काव्य कलिका : " मेघा बरसो हर मन हर्षो" - रामG अनिल कुमार श्रीवास्तव जून 26, 2024" मेघा बरसो हर मन हर्षो" °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° गरज-कौंध, चमक-दमक के चपला नील गगन में बहुत डराती, रह रह घबराती ... Continue Reading
काव्य कलिका : " रहें खुश, खुशियां दें " - राम मोहन गुप्त अनिल कुमार श्रीवास्तव जून 13, 2024 है सच तनाव जीवन का अंग सोंच हमारी ही हमें सताती हैं छोटी-बड़ी बातें करती है तंग दिन-रात चुभतीं, तड़पाती हैं है भला, रखें संयम स्... Continue Reading
"सवच्छता और हम" - राम मोहन गुप्त अनिल कुमार श्रीवास्तव मई 28, 2024 स्वच्छता और हम हैं नहीं अलग अलग है संभव पूर्ण स्वच्छता रहें जब हम सजग रखें सदा ध्यान आसपास परिवेश का स्वच्छता जननी स्वास्थ्य की... Continue Reading
रचना : "खुल कर कह दो न" - राम मोहन गुप्त अनिल कुमार श्रीवास्तव मई 25, 2024 है चाहता कौन.! खोना घर का चिराग मां बाप के लिए होती है सब कुछ ही औलाद। खातिर उसकी ही अपना जीवन खपा देते हैं मां बाप बिना देखे दि... Continue Reading
विश्व परिवार दिवस विशेष : "घर - परिवार" अनिल कुमार श्रीवास्तव मई 15, 2024*"घर- परिवार" •••••••••••••••• अपनों से बनता है घर घर को भाए... परिवार सारी दुनिया से अच्छा अपना प्यारा घर-संसार जब भी, जितना भ... Continue Reading
काव्य कलिका : कौन नहीं चाहता...! अनिल कुमार श्रीवास्तव मई 14, 2024● काव्य कलिका : कौन नहीं चाहता फिर बचपन में लौट जाना बगैर सोचें - समझे हंसना, रोना और मुस्कुराना कौन नहीं चाहता बीते खुशगवार पल पाना मेरा ते... Continue Reading
काव्य कलिका : कमाल................ अनिल कुमार श्रीवास्तव अप्रैल 29, 2024 क्या हो गया है आज सबका हाल देखिये बदलते वक्त में हुआ है जो... कमाल देखिये उनसे तो है दोस्ती हुए न रूबरू कभी जिनसे था साथ जिनस... Continue Reading
काव्यकलिका : उम्मीद का चाँद .... अनिल कुमार श्रीवास्तव अप्रैल 28, 2024 शायद बदल रहा है हमारे जनपद का भाग्य आ चुकी है बड़ी रेलवे लाइन बिछ रहा सड़कों का जाल यही नहीं अब तो पूर्ण हो चुकी है चौबीसों घंटे ... Continue Reading
काव्य कलिका / चलो मनाऍं हम नववर्ष अनिल कुमार श्रीवास्तव अप्रैल 09, 2024 चैत्र प्रतिपदा में लेना है सबको यह संकल्प राष्ट्र जागरण धर्म हमारा दूजा नहीं विकल्प सृजन सृष्टिका हुआ इसी दिन शुभारंभ नवरात्र... Continue Reading
काव्य कलिका : आती है.. हर साल परीक्षा, लगती क्यों! विकराल परीक्षा ? अनिल कुमार श्रीवास्तव फ़रवरी 17, 2024 "परीक्षा" ••••••••• आती है.. हर साल परीक्षा लगती क्यों!विकराल परीक्षा यदि मेहनत से नहीं पढ़ोगे कल खींचेगी खाल, परीक्ष... Continue Reading
गिरिधर राय की कुण्डलियाॅं : ● ज्ञानवापी तहखाने में पूजा / ● शिव की काशी अनिल कुमार श्रीवास्तव फ़रवरी 01, 2024 डॉ0 गिरिधर राय ( फाइल फोटो) ● ज्ञानवापी तहखाने में पूजा तहखाने में मिल गया, पूजा का अधिकार प्रतीक्षारत नन्दी ... Continue Reading