काव्यकलिका : सफलता के लिए जरूरी है चयन सही राह का...... अनिल कुमार श्रीवास्तव जनवरी 07, 2025 *"अब क्या घबराना"* °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° जीवन पथ पर सब ही बटोही नित निज मंजिल तक है जाना हैं ऊबड़-खाबड़ ... Continue Reading
अंतरराष्ट्रीय कविता दिवस विशेष : "कहीं कोई न दुःख हो" अनिल कुमार श्रीवास्तव मार्च 21, 2024 कविता दिवस पर आओ लिख दूं एक नई फिर रचना मन भाव संग जन स्वभाव की, आस पास की घटना देश प्रेम, प्रकृति संरक्षण और वसुधै... Continue Reading
काव्य कलिका / हे नाथ! मेरे माथ पर हाथ रख दीजिए अनिल कुमार श्रीवास्तव फ़रवरी 21, 2024 हे दीनबंधु! दीनानाथ ! दया मुझ पर कीजिए, बिगड़ी हमारी जो दशा है ध्यान उस पर दीजिए। कोई नहीं है जगत में प्रभु आप ही कुछ कीजिए, हे ... Continue Reading
काव्यकलिका / सावन ऋतु पावन आई ... राम मोहन गुप्त अनिल कुमार श्रीवास्तव जुलाई 07, 2023 कवि : राम मोहन गुप्त मन हर्षित तन झूम रहा सावन ऋतु पावन आई कूके कोयल मोर पपीहा चहुंओर घोर मस्ती छाई प्रियतम ... Continue Reading
.............. बाहर है विकास की रेस में अनिल कुमार श्रीवास्तव अक्टूबर 16, 2022 राम राज्य का हुआ अवतरण है नूतन परिवेश में। सबसे ज़्यादा भूखे लोगों की सूची है देश में। भाषण में डंके बजते हैं विश्व गुरू बन जाने ... Continue Reading