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शुक्रवार, 30 दिसंबर 2022

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में शिक्षा की अलख जलाते लखीमपुर के रत्न "राजीव रत्न खरे"

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में शिक्षा की अलख जला रहे लखीमपुर पब्लिक स्कूल के संस्थापक एवं प्रबंधक राजीव रत्न खरे मानव सेवा को सर्वोपरि मानते हैं। सामाजिक एवं सियासी सरोकारों से जुड़े श्री खरे द्वारिकापुरी वार्ड से दो बार सभासद रहे। उसके बाद इन्होने अपना जीवन सामाजिक उत्थान के प्रति समर्पित कर दिया। 
क्षेत्र में शैक्षिक विकास को लेकर इन्होंने लखीमपुर पब्लिक स्कूल की हिंदी एवं इंग्लिश की दो अलग अलग शाखाएं स्थापित कर बाल प्रतिभाओं को मौका दिया। यथा नाम तथा गुण, लखीमपुर पब्लिक स्कूल लखीमपुर की पब्लिक के लिए स्थापित इस स्कूल में खास तौर पर हिंदी मीडियम में जो वंचित परिवार बच्चों की पढ़ाई का खर्चा वहन नही कर पाते उनके बच्चों को, जिन बच्चों के पिता इस दुनिया मे नही हैं ऐसे बच्चों की उच्चकोटि गुणवत्ता की शिक्षा निःशुल्क है। श्री खरे ने बताया कि एलपीएस की इंग्लिश मीडियम की शाखा में भी 35 बच्चों की शिक्षा निःशुल्क है। इसके अलावा विद्यालय की दोनों इकाइयों में शुल्क भी नाममात्र है, ताकि किसी परिवार के बच्चे की शिक्षा धनाभाव में बाधित न हो।
श्री खरे अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के डायरेक्टर रहे एवं केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार के तीन कार्यकाल में यानी 15 साल डायरेक्टर रहे। इनकी सेवा से बैंक एवं भंडार के इतिहास में इनका कार्यकाल सशक्त हस्ताक्षर के रूप में दर्ज है। 
इसके अलावा श्री खरे कायस्थ समाज की एकता एवं उत्थान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा में प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के दायित्व का बखुबी निर्वहन करने के साथ अन्य कायस्थ संगठनों से जुड़कर अपने अनुभव एवं मार्गदर्शन से कायस्थ विकास का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। श्री खरे बताते हैं कि शहर की कायस्थ धर्मशाला एवं शहर में कायस्थ पाठशाला उनकी प्रबल इच्छा है। शहर में स्थापित कायस्थ धर्मशाला के और विकास एवं सुंदरीकरण के लिए कायस्थों से आगे आने की अपील भी की।
मानवीयता का प्रदीप्त दीपक प्रज्ज्वलित कर रहे श्री खरे का कहना है कि नीयत और सोंच से व्यक्ति मानवकल्याण के रास्ते पर चल कर समाज को दिशा दे सकता है। इनका मंत्र है कि गरीबो की सेवा गोपनीय करें। इस मंत्र पर इन्होंने अपने दिवंगत पिता की स्मृति में बाबू हररत्न लाल खरे मानव सेवा संस्थान सृजित कर जनकल्याणकारी कार्यो से वंचित लोगो को की जरूरी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। संस्थान गरीब लड़कियों की शादी, एवं जरूरतमंदों की बीमारी में बढ़चढ़ कर सहायता करता है। ऐसे परिवार जो परिवार के किसी व्यक्ति की मृत्युपरांत कफ़न का खर्चा वहन नही कर पाते ऐसे में मृतक के अंतिम संस्कार में सहायतार्थ संस्थान आगे आता है।

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