उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का ऐलान, मार्च तक सेवा निगम लागू न हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन
लखनऊ। प्रदेश के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों में नाराज़गी अब प्रतीकात्मक आक्रोश से बदलकर ठोस चेतावनी में ढल चुकी है। उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मचारी संघ और आउटसोर्सिंग वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से स्पष्ट कहा कि यदि मार्च तक सेवा निगम लागू नहीं होता, तो लखनऊ में एक विशाल संयुक्त बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
संगठनों के प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि बैठक में प्रदेशभर के कर्मचारी शामिल होंगे और इसमें आंदोलन, प्रदर्शन और राज्य-स्तरीय कार्यक्रमों के माध्यम से अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने की रूपरेखा बनाई जाएगी। नेताओं का कहना है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने लंबे समय से असुरक्षा, ठेका-प्रथा, कम वेतन और बिना कारण छंटनी जैसी समस्याओं का सामना किया है, लेकिन अब कर्मचारी एकजुट हैं और स्पष्ट मांग रख रहे हैं “मार्च तक सेवा निगम लागू करो, नहीं तो प्रदेशभर की आवाज़ लखनऊ से उठेगी।” संगठनों का मानना है कि यदि सरकार समय रहते सकारात्मक कदम उठाती है, तो लाखों कर्मचारियों को स्थिरता, पारदर्शिता और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सकता है। वरना उनका कहना है “कर्मचारी अब जाग चुके हैं, और अपने हक के लिए किसी भी स्तर तक जाने को तैयार हैं।” यह ऐलान न केवल चेतावनी है, बल्कि कर्मचारियों की सामूहिक शक्ति, दृढ़ निश्चय और न्याय के लिए संघर्ष की प्रेरक अभिव्यक्ति भी है।
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