⚫ सुर, संस्कृति और आध्यात्मिकता के दिव्य संगम से गूंजा चिल्ड्रेन एकेडमी
⚫ ‘डिवाइन सिंफनी’ में नन्हे सितारों ने बिखेरी प्रतिभा की दिव्य आभा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
लखीमपुर। जब नन्हे कदमों ने मंच पर आत्मविश्वास से दस्तक दी, सुरों ने वातावरण में मधुरता घोली और भारतीय संस्कृति की गौरवशाली विरासत ने रंगमंच पर जीवंत होकर आकार लिया, तो चिल्ड्रेन एकेडमी का प्रांगण मानो सुर, संस्कृति और आध्यात्मिकता के दिव्य संगम में परिवर्तित हो उठा। अवसर था विद्यालय के वार्षिक उत्सव का, जिसकी थीम ‘डिवाइन सिंफनी’ रही।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, सांस्कृतिक चेतना, रचनात्मक अभिव्यक्ति और छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता तथा विशिष्ट अतिथि फिल्म हनुमान के अभिनेता शोभिनव सत्या ने दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्चन के साथ किया।
इसके उपरांत नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। सर्वधर्म प्रार्थना ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिकता और सद्भाव की ऐसी अनुभूति से भर दिया, जिसमें विविधता के बीच एकता का सुंदर संदेश स्पष्ट दिखाई दिया।
‘डिवाइन सिंफनी’ महज एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ईश्वर की दिव्य रचना, भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत, प्रकृति की सुंदरता, संगीत की मधुरता और मानवीय संवेदनाओं का अनुपम उत्सव बनकर सामने आया। मंच पर बच्चों की प्रस्तुतियों ने यह संदेश भी दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सहयोग और सकारात्मक सोच जैसे जीवन-मूल्यों को विकसित करना भी है।
नन्हे कलाकारों ने नरसिंहा, सोनार बांग्ला, दशावतार, एकलव्य, सूर्यपुत्र कर्ण, शिव-पार्वती विवाह, मीराबाई, चार युग और हनुमान चालीसा सहित विभिन्न प्रस्तुतियों से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। उनकी सहज अभिव्यक्ति, आकर्षक वेशभूषा, उत्कृष्ट तालमेल और मंच पर दिखाई दिया आत्मविश्वास हर प्रस्तुति के साथ तालियों में बदलता रहा। शिक्षक-शिक्षिकाओं की प्रस्तुतियों ने भी समारोह की गरिमा और आकर्षण को नई ऊंचाई प्रदान की।
विद्यालय की प्रबंधिका कुमुद गोविल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों को संस्कारवान, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाना विद्यालय का उद्देश्य है। प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई प्रतिभा छिपी होती है, आवश्यकता केवल उसे पहचानने, प्रोत्साहित करने और उचित अवसर देने की है।
प्रधानाचार्या प्रेरणा अरमान ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं के परिश्रम और समर्पण की सराहना की।
समारोह में शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान कर उनकी उपलब्धियों को प्रोत्साहन दिया गया।
अंत में आभार व्यक्त किया गया और राष्ट्रगान की गरिमामयी धुन के साथ समारोह का समापन हुआ।
वास्तव में चिल्ड्रेन एकेडमी का यह वार्षिक उत्सव बच्चों के सपनों, शिक्षकों की साधना, विद्यालय प्रबंधन की दूरदर्शी सोच और अभिभावकों के विश्वास का ऐसा सुंदर संगम बन गया, जिसने यह विश्वास और मजबूत किया कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिल जाए तो हर बच्चा अपनी प्रतिभा के पंखों पर सफलता के नए आकाश छू सकता है।
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