🔘 सेवा, संवेदना और समर्पण को मिला सम्मान, माँ आदि शक्ति फाउंडेशन ने डॉ. रुचिका टंडन का किया अभिनंदन
लखीमपुर खीरी। जब समाज अपने चिकित्सकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है, तब वह केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं करता, बल्कि मानवता की रक्षा में निरंतर समर्पित उस सेवा-भाव को नमन करता है, जो हर कठिन घड़ी में जीवन की लौ को प्रज्वलित रखता है। इसी भावपूर्ण उद्देश्य के साथ माँ आदि शक्ति फाउंडेशन के सदस्यों द्वारा डॉक्टर्स डे के उपलक्ष्य में एक गरिमामयी चिकित्सक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह में समाजसेवा और चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली डॉ. रुचिका टंडन को विशेष सम्मान से अलंकृत किया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए उन्होंने कहा कि चिकित्सक का सबसे बड़ा पुरस्कार मरीज के चेहरे पर लौटती मुस्कान और स्वस्थ जीवन की खुशी होती है। यह सम्मान उन्हें समाज के प्रति और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि चिकित्सक केवल रोगों का उपचार नहीं करते, बल्कि आशा, विश्वास और जीवन का संचार भी करते हैं। वहीं विशिष्ट अतिथि समाजसेवी मधुलिका त्रिपाठी ने कहा कि सेवा और संवेदना ही किसी भी समाज की सबसे बड़ी शक्ति होती है तथा डॉक्टर मानवता के सच्चे प्रहरी हैं। फाउंडेशन की कार्यकारी अध्यक्ष रेणुका टंडन ने सभी अतिथियों, चिकित्सकों एवं उपस्थित मातृशक्तियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के उन व्यक्तित्वों का सम्मान करना हमारा नैतिक दायित्व है, जो निस्वार्थ भाव से मानव सेवा में निरंतर जुटे रहते हैं।
इस अवसर पर सचिव संगीता तिवारी, कोषाध्यक्ष रीना गुप्ता, कल्पना वर्मा, मीना पांडिया, मधु गुप्ता, पारुल श्रीवास्तव, श्वेता शर्मा, रेखा शुक्ला, पूजा रस्तोगी, अमीषा कश्यप, राधा सिंह, गीता बरनवाल, आरती गुप्ता, आरती चोपड़ा, दुर्गा सेठ, ज्योति श्रीवास्तव, रेखा मिश्रा सहित फाउंडेशन की दर्जनों मातृशक्तियाँ उत्साहपूर्वक उपस्थित रहीं। पूरे आयोजन में सेवा, सम्मान और सामाजिक सरोकारों की ऐसी प्रेरणादायी छवि दिखाई दी, जिसने यह संदेश दिया कि जब समाज अपने कर्मयोगियों का सम्मान करता है, तभी संवेदनाओं से समृद्ध और संस्कारित समाज का निर्माण होता है।
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