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रविवार, 14 जून 2026

सेवा, संवेदना और समर्पण का पर्याय हैं मानवता के अनवरत साधक सुरेन्द्र कुमार तोलानी

🔘 सेवा, संवेदना और समर्पण का पर्याय हैं मानवता के अनवरत साधक सुरेन्द्र कुमार तोलानी

कुछ व्यक्तित्व समय की भीड़ में केवल अपने नाम से नहीं, बल्कि अपने कर्मों की सुगंध से पहचाने जाते हैं। वे समाज के उन दुर्लभ रत्नों में होते हैं जो स्वयं के लिए नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में प्रकाश फैलाने के लिए जीते हैं। ऐसे ही प्रेरणास्पद व्यक्तित्व हैं सुरेन्द्र कुमार तोलानी, जिनका सम्पूर्ण जीवन मानवता, करुणा, सेवा और सामाजिक उत्थान को समर्पित है।

सुरेन्द्र कुमार तोलानी वह नाम है, जो बेजुबानों की पीड़ा को अपनी संवेदना से समझता है, दिव्यांग बच्चों के सपनों को पंख देता है, नेत्रहीनों के जीवन में उजाला भरता है और प्रतिभाओं सहित समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति के लिए आशा का संबल बनकर खड़ा रहता है। वे उन विरले समाजसेवियों में हैं जिनकी पहचान पदों से नहीं, बल्कि सेवा के अनगिनत कार्यों से निर्मित हुई है। लायंस उपकार नेत्र चिकित्सालय के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने हजारों लोगों के जीवन में दृष्टि और उम्मीद का प्रकाश पहुँचाने का पुनीत कार्य किया है। उनके नेतृत्व में असंख्य नेत्र रोगियों को उपचार, ऑपरेशन और नई दृष्टि का वरदान प्राप्त हुआ है। उनके लिए किसी व्यक्ति को नयन-ज्योति प्रदान करना केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि उसके जीवन में नए सपनों का दीप प्रज्वलित करना है। आदर्श मूकबधिर विद्यालय, लखीमपुर के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने दिव्यांग बच्चों के जीवन को नई दिशा देने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उनके संरक्षण और मार्गदर्शन में विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, संस्कार, कौशल और आत्मनिर्भरता का सशक्त मंच बन गया है। उन्होंने यह सिद्ध किया है कि विशेष बच्चे किसी से कम नहीं होते, आवश्यकता केवल अवसर और प्रोत्साहन की होती है।

 एनिमल लवर सोसायटी, लखीमपुर के संरक्षक के रूप में उनका पशु प्रेम अनुकरणीय है। घायल, निराश्रित और असहाय पशुओं की सेवा, चिकित्सा और संरक्षण के लिए वे निरंतर सक्रिय रहते हैं। उनके लिए बेजुबान पशु भी परिवार के सदस्य समान हैं, जिनकी रक्षा और देखभाल मानवता का सर्वोच्च धर्म है। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उनकी सक्रिय भागीदारी उनकी व्यापक सामाजिक दृष्टि का परिचायक है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संरक्षक के रूप में वे व्यापारियों के हितों की रक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारतीय मानवाधिकार परिवार के जिला इंचार्ज के रूप में वे मानवाधिकारों की रक्षा और जनजागरण के कार्यों से जुड़े हुए हैं। जन जागृति सामाजिक संस्था, लखीमपुर खीरी के संरक्षक के रूप में सामाजिक चेतना, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के अनेक अभियानों को दिशा प्रदान कर रहे हैं। वहीं खीरी क्लब के उपाध्यक्ष के रूप में सामाजिक सौहार्द और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं। युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए वे श्री गुरुनानक स्पोर्ट्स अकैडमी के उपाध्यक्ष के रूप में खेल संस्कृति को सशक्त बना रहे हैं। साथ ही श्री गुरुनानक डिग्री कॉलेज, श्री गुरुनानक इंटर कॉलेज एवं गुरुनानक विद्यक सभा कन्या इंटर कॉलेज के उपप्रबंधक के रूप में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। उनका विश्वास है कि शिक्षित और संस्कारित युवा ही राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य निर्मित कर सकते हैं। सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों से उनका गहरा जुड़ाव उन्हें समाज का सच्चा प्रहरी बनाता है। वे लायंस क्लब लखीमपुर उपकार के वरिष्ठ सदस्य, भारत विकास परिषद लखीमपुर खीरी के सदस्य, आदर्श मां लक्ष्मी धर्मार्थ होम्योपैथिक चिकित्सालय के सदस्य तथा गुरुद्वारा सिंह सभा, हाथीपुर के सक्रिय सदस्य के रूप में निरंतर समाजहित में कार्यरत हैं।

सुरेन्द्र कुमार तोलानी का व्यक्तित्व सेवा और विनम्रता का अद्भुत संगम है। वे तन, मन और धन से समाज के लिए समर्पित रहते हैं। उन्होंने कभी प्रसिद्धि की चाह नहीं रखी, बल्कि चुपचाप सेवा के दीप जलाकर असंख्य जीवनों को रोशन किया है। उनका जीवन हमें यह संदेश देता है कि सच्ची सफलता स्वयं के लिए ऊँचा उठने में नहीं, बल्कि दूसरों को आगे बढ़ाने में निहित है। आज जब समाज को संवेदनशील नेतृत्व और मानवीय मूल्यों की आवश्यकता है, तब सुरेन्द्र कुमार तोलानी जैसे व्यक्तित्व आशा की किरण बनकर सामने आते हैं। वे केवल एक समाजसेवी नहीं, बल्कि मानवता के सच्चे प्रहरी, दिव्यांगों के पथप्रदर्शक, बेजुबानों के संरक्षक, शिक्षा के संवाहक और सेवा-साधना के जीवंत प्रतीक हैं। निस्वार्थ सेवा, करुणा, समर्पण और मानवता का यह उज्ज्वल दीपक निरंतर समाज को प्रकाशवान कर रहा है, और उस दीपक का नाम है सुरेन्द्र कुमार तोलानी।

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