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मंगलवार, 28 जुलाई 2026

Lmp. सिटी मॉण्टेसरी इण्टर कॉलेज की विज्ञान प्रदर्शनी बनी प्रेरणा का उत्सव

⚫ सिटी मॉण्टेसरी इण्टर कॉलेज की विज्ञान प्रदर्शनी बनी प्रेरणा का उत्सव

लखीमपुर-खीरी। जब युवा मन प्रश्न पूछता है, तब विज्ञान जन्म लेता है और जब वही मन समाधान खोजने निकल पड़ता है, तब नवाचार इतिहास रचता है। नगर के प्रतिष्ठित सिटी मॉण्टेसरी इण्टर कॉलेज में विज्ञान माह के अंतर्गत आयोजित भव्य विज्ञान प्रदर्शनी ने इसी सृजनशील सोच को नई उड़ान दी। कक्षा 10 एवं 12 के विद्यार्थियों ने अपने ज्ञान, कल्पनाशीलता और परिश्रम को आकर्षक वैज्ञानिक मॉडलों के माध्यम से प्रस्तुत कर यह सिद्ध कर दिया कि आने वाला भारत विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छूने के लिए तैयार है।

कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय के प्रबन्धक विशाल सेठ, प्रबन्ध निदेशिका लेखनी सेठ तथा निर्णायक अनिल कपूर एवं अपर्णा सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीप की लौ के साथ विद्यार्थियों के सपनों को भी नई रोशनी मिली। निर्णायकों ने प्रत्येक मॉडल का सूक्ष्म अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और मेहनत की मुक्त कंठ से प्रशंसा की तथा उन्हें निरंतर अनुसंधान और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। 

प्रदर्शनी में प्रस्तुत व्हीटस्टोन ब्रिज, वायरलेस विद्युत स्थानांतरण, न्यूटन क्रैडल, स्मार्ट रोबोट, स्मार्ट भारत, ई-कॉमर्स, सूक्ष्मदर्शी, हाइड्रोजन ईंधन सेल, रक्त परिसंचरण तंत्र, आईवीएफ, ग्रीन हाउस, वायु गुणवत्ता परीक्षण सहित अनेक मॉडल दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने। वहीं सौर ऊर्जा आधारित स्मार्ट होम, वर्षा जल संचयन, स्वचालित सिंचाई प्रणाली, भूकम्प चेतावनी मॉडल, जल शोधन संयंत्र, ड्रिप इरिगेशन, सौरमंडल, ज्वालामुखी विस्फोट तथा अपशिष्ट प्रबंधन जैसे प्रोजेक्ट्स ने यह संदेश दिया कि आज का विद्यार्थी केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण की वास्तविक समस्याओं के समाधान भी तलाश रहा है। 

प्रबन्ध निदेशिका लेखनी सेठ एवं निर्णायक अपर्णा सिंह ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति को सराहते हुए कहा कि ऐसी विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों में आत्मविश्वास, तार्किक सोच, समस्या-समाधान क्षमता और नवाचार की भावना को विकसित करती है। यही गुण उन्हें भविष्य का सक्षम वैज्ञानिक, शोधकर्ता और जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं। इस सफल आयोजन के पीछे विज्ञान शिक्षक मनीष सक्सेना, विवेक सक्सेना एवं शिक्षिका शैली सचान का विशेष योगदान रहा। साथ ही अंग्रेजी माध्यम इंचार्ज एम.बी. मिश्रा, शिक्षक अभिषेक वर्मा, अंकित अवस्थी तथा शिक्षिका गरिमा शुक्ला के मार्गदर्शन ने विद्यार्थियों की प्रतिभा को नई दिशा प्रदान की। 

समापन अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य धीरेन्द्र सिंह ने सभी निर्णायकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभा को पहचान देने वाला सशक्त मंच है। ऐसे आयोजन बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान की भावना और नवाचार के प्रति समर्पण विकसित करते हैं, जो राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनते हैं। वास्तव में, यह विज्ञान प्रदर्शनी केवल मॉडलों का प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि उन सपनों की झलक थी जो आने वाले भारत को ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार की नई पहचान देने का सामर्थ्य रखते हैं।

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