🔘 संघ साधक स्मरण समारोह में गूँजी राष्ट्रसेवा और संस्कारों की अमर गाथा
जिला पंचायत सभागार, लखीमपुर में स्वर्गीय प्रोफेसर विजय कुमार गुप्ता की प्रथम जन्म जयंती के अवसर पर संघ साधक स्मरण समारोह समिति द्वारा "संघ साधक स्मरण समारोह" का आयोजन किया गया। आयोजन में विभिन्न वक्ताओं और अतिथियों ने स्व. गुप्ता और उनके कार्यों को स्मरण करते हुए विभिन्न संघ साधकों के जीवन-कृतित्व की स्मारिका उनके परिजनों को प्रदान की।
संघ साधक स्मरण समारोह का उद्देश्य युवराज दत्त महाविद्यालय में राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक एवं दायित्ववान कार्यकर्ता रहे स्व. प्रोफेसर विजय कुमार गुप्ता, जिनका निधन 5 जून 2025 को हुआ था, का केवल स्मरण करना ही नहीं था, बल्कि उनके समान राष्ट्र, समाज और संगठन के लिए समर्पित जीवन जीने वाले संघ साधकों का कृतज्ञ स्मरण करना भी था।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में अपने उद्बोधन में ओमपाल सिंह, संयुक्त क्षेत्र संयोजक, कुटुंब प्रबोधन (उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड) ने कहा कि स्व. विजय कुमार गुप्ता का जीवन आदर्शों, अनुशासन और संगठन निष्ठा से परिपूर्ण था तथा संघ के प्रति उनकी निष्ठा अतुलनीय थी। एक शिक्षक के रूप में उन्होंने न केवल अनेक विद्यार्थियों को शिक्षित किया, बल्कि उनमें सकारात्मक चिंतन, राष्ट्रबोध एवं संस्कारों का भी विकास किया।
विश्व हिन्दू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री एवं पूर्व गोरक्ष प्रांत प्रचारक मुकेश खांडेकर ने अपने उद्बोधन में स्व. विजय कुमार गुप्ता के समर्पित जीवन का स्मरण करते हुए कहा कि उनकी कार्यपद्धति, आत्मीयता और समर्पण संगठन निर्माण का अद्भुत उदाहरण रही। साथ ही उन्होंने "संघ साधक स्मरण समारोह" को अपनी तरह का प्रथम एवं अनुकरणीय कार्यक्रम बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने स्व. विजय कुमार गुप्ता के पांचों पुत्रों शैलेश गुप्ता, राजेश गुप्ता, अनूप गुप्ता, नीरज गुप्ता एवं अनुज गुप्ता को इस प्रेरणादायी आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं।
वर्तमान में क्षेत्रीय सद्भाव प्रमुख अशोक केड़िया ने भी विजय कुमार गुप्ता की संघ के प्रति निष्ठा, संगठनात्मक क्षमता तथा समाज में उनके योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह, शिव कुमार, क्षेत्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुशील तथा राज्य ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) गिरीश ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए स्व. विजय कुमार गुप्ता के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।
समाजसेवी साहित्यकार राममोहन गुप्त के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में स्व. विजय कुमार गुप्ता के जीवन के विविध आयामों के स्मरण एवं प्रेरणा सत्रों में राजेश दीक्षित, डॉ. संजय कुमार एवं राजीव त्रिवेदी ने विचार प्रस्तुत किए। विजय कुमार गुप्ता के पुत्र राजेश गुप्ता ने आयोजन की संक्षिप्त भूमिका रखी तथा जिला संघचालक अवधेश ने समस्त अभ्यागतों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में स्व. विजय कुमार गुप्ता सहित अन्य संघ साधकों स्व. डॉ. मुन्नू सिंह, स्व. राजेन्द्र कुमार गुप्त, स्व. लक्ष्मी नारायण रस्तोगी, स्व. हरी प्रकाश पांडिया, स्व. चन्द्रपाल सिंह, स्व. कन्हैया लाल अग्रवाल, स्व. उमाचरण पाण्डेय, स्व. विजय अग्रवाल, स्व. उमेश मिश्रा, स्व. रमाकांत शुक्ला, स्व. जगन्नाथ भल्ला, स्व. राज राजेश्वर शुक्ल, स्व. हरिराम साहनी, स्व. कुबेर शंकर शुक्ल, स्व. उमानाथ गुप्ता, स्व. शत्रोहन प्रसाद वर्मा, स्व. सत्य प्रकाश अग्रवाल, स्व. प्रताप नारायण श्रीवास्तव एवं स्व. राम सेवक शर्मा का कृतज्ञ स्मरण किया गया तथा उनके परिवारजनों को जीवन परिचय सहित सचित्र स्मारिका भेंट की गई।
कार्यक्रम में सदर विधायक योगेश वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष अरविन्द गुप्ता, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार त्रिवेदी, अवधेश सिंह, कुलभूषण, राजेश पांडिया सहित नगर के सैकड़ों गणमान्य नागरिक, वरिष्ठ कार्यकर्ता, विद्यार्थी एवं आत्मीयजन उपस्थित रहे।
दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ प्रारंभ हुए समारोह का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि ऐसे समर्पित जीवनों से प्रेरणा लेकर समाजोपयोगी सतत कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम की विशेषता रही कि ऐसा अभूतपूर्व और स्मरणीय आयोजन जनपद के इतिहास में पहली बार सम्पन्न हुआ।
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