🔘 सलाखों के साये में हुआ आत्मबल का सूर्योदय, योग सप्ताह के शुभारंभ ने बंदियों में भरी नई ऊर्जा
15 जून, लखीमपुर-खीरी। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आयुष विभाग के तत्वावधान एवं क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ० सुमन्त कुमार के मार्गदर्शन में योग रंजन फाउंडेशन द्वारा संचालित "75 दिवसीय योग जागरूकता अभियान" के अंतर्गत 06 दिवसीय काउंटडाउन कार्यक्रम के अवसर पर जिला कारागार, लखीमपुर-खीरी में योग सप्ताह का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत "योग फॉर हेल्थी एजिंग" विषय पर विशेष योगाभ्यास सत्र आयोजित कर बंदियों को कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास कराया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य योग के माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, आत्मअनुशासन एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों को बढ़ावा देना था। योग सप्ताह के प्रथम दिवस पर पुरुष बंदियों हेतु दो सत्र एवं महिला बंदियों हेतु एक विशेष योग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बंदियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर योगाचार्य प्रिंस रंजन बरनवाल ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि व्यक्ति के संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास की एक वैज्ञानिक एवं जीवनोपयोगी प्रक्रिया है। योग व्यक्ति के भीतर सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, धैर्य एवं आत्मनियंत्रण विकसित करता है। उन्होंने कहा कि जीवन में परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, योग व्यक्ति को मानसिक रूप से सशक्त एवं संतुलित बनाए रखने का कार्य करता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम "योग फॉर हेल्थी एजिंग" है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक आयु वर्ग को स्वस्थ, सक्रिय एवं आत्मनिर्भर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। योग का नियमित अभ्यास शरीर को निरोग रखने के साथ-साथ मानसिक तनाव, चिंता एवं अवसाद जैसी समस्याओं के प्रबंधन में भी सहायक सिद्ध होता है। कार्यक्रम के व्यवहारिक सत्र में योगाचार्य प्रदीप कुमार शर्मा, योगाचार्या राजदीपिका तिवारी एवं अंशकालिक योग प्रशिक्षक सुमन राजपूत द्वारा प्रतिभागियों को कॉमन योग प्रोटोकॉल के अंतर्गत प्रार्थना, सूक्ष्म व्यायाम, ताड़ासन, वृक्षासन, भद्रासन, वज्रासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम एवं ध्यान का क्रमबद्ध अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने, मन को शांत रखने, तनाव को कम करने तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बंदियों ने पूरे अनुशासन एवं एकाग्रता के साथ योगाभ्यास में सहभागिता की तथा योग के प्रति विशेष रुचि दिखाई। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों को योग सप्ताह के अंतर्गत प्रतिदिन आयोजित होने वाले योग सत्रों की जानकारी भी दी गई। साथ ही उन्हें नियमित योगाभ्यास को अपनी दिनचर्या में शामिल करने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। योग सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 तक प्रतिदिन योगाभ्यास करने एवं योग के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जेल अधीक्षक पी०डी० सलौनिया, डीपीएस राठौड़ सहित जेल प्रशासन का सहयोग प्राप्त हुआ।
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