🔘 हरित ऊर्जा और योग साधना के लिए केंद्रीय मंत्री के हाथों राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत हुए योग गुरु मंगेश त्रिवेदी
नई दिल्ली, 26 जून 2026। जब प्रकृति संरक्षण का संकल्प और स्वस्थ जीवन का संदेश एक मंच पर एकत्र होता है, तब समाज को नई दिशा देने वाली प्रेरणादायी पहल जन्म लेती है। इसी भावना को साकार करते हुए इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (आईआईसी), नई दिल्ली में आयोजित "ग्रीन पावर इंडिया 2026 नेशनल कॉन्क्लेव" देश के लिए हरित ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।
इस अवसर पर अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष योग गुरु मंगेश त्रिवेदी को मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई), आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से संचालित देशव्यापी "योग जनजागरूकता अभियान" में उत्कृष्ट योगदान के लिए केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम द्वारा विशेष सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि योग के माध्यम से स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प का सम्मान माना गया। महासंघ और मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के संयुक्त प्रयासों से देशभर में 2,000 से अधिक योग शिविरों का सफल आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से 10 लाख से अधिक नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम "Yoga for Healthy Ageing" के अनुरूप नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित किया गया।
यह अभियान योग को जन-जन तक पहुँचाकर स्वस्थ, सक्रिय और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बनकर सामने आया। मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने अपने संबोधन में कहा कि "विकसित भारत–2047" का सपना तभी साकार होगा, जब स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति संवेदनशील जीवनशैली को जनआंदोलन बनाया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से जनजातीय समाज की प्रकृति संरक्षण में भूमिका तथा नवीकरणीय ऊर्जा के व्यापक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। कॉन्क्लेव में देश-विदेश के अनेक विशिष्ट अतिथियों, नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों, पर्यावरण विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने सहभागिता करते हुए "Advancing Sustainable Energy for a Greener India" विषय पर अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने सौर एवं पवन ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, ई-वेस्ट प्रबंधन, हरित प्रौद्योगिकी तथा सतत विकास जैसे विषयों पर व्यापक मंथन करते हुए स्वच्छ ऊर्जा को आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बताया। देशभर से आए युवाओं और प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, योग, स्वस्थ जीवनशैली और हरित ऊर्जा को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजक संस्थाओं ANA, Ankalan एवं IN DINON ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगी संस्थाओं और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे राष्ट्रीय आयोजनों के माध्यम से हरित एवं स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया। यह राष्ट्रीय कॉन्क्लेव इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि "जब योग की चेतना और हरित ऊर्जा का संकल्प साथ चलता है, तभी स्वस्थ नागरिक, स्वच्छ पर्यावरण और विकसित भारत का स्वप्न साकार होता है।"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Post Comments