लाठीचार्ज में मृत जोखू के न्याय के लिए सामाजिक कार्यकर्ता ने राष्ट्रपति को भेजा पत्र, निष्पक्ष न्यायिक जांच व मुआवजे की मांग
नोनहरा थाना परिसर में दिव्यांग भाजपा कार्यकर्ता सियाराम उपाध्याय की मौत का मामला राष्ट्रपति तक पहुंचाने के लिए पत्र भेजा गया है। समग्र विकास इंडिया के अध्यक्ष ब्रजभूषण दूबे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को प्रार्थनापत्र भेजकर निष्पक्ष न्यायिक जांच और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए मुआवज़ा देने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पूरे प्रकरण में पुलिस और भाजपा नेता लीपापोती कर रहे हैं। श्री दूबे ने राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में कहा कि 9 सितंबर की रात नोनहरा के थाना परिसर में पुलिस के बर्बर लाठीचार्ज में गंभीर रूप से घायल सियाराम उपाध्याय जोखू की मौत हो गई। कहा कि ये पुलिस अभिरक्षा में असामान्य मृत्यु का स्पष्ट मामला है। कहा कि जब शाम 6 बजे से धरना चल रहा था, तो स्वयं क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की थी। लेकिन आधी रात के बाद अचानक लाठीचार्ज कर दिया गया। ऐसे में यह घटना सीधे तौर पर पुलिस अभिरक्षा में मौत की श्रेणी में आती है और दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। श्री दूबे ने यह भी आरोप लगाया कि मृतक के पिता गिरिजाशंकर उपाध्याय द्वारा दी गई तीन पन्नों की तहरीर को पुलिस ने दबा दिया और दबाव बनाकर दूसरी तहरीर तैयार कराई। उन्होंने इसके प्रमाण स्वरूप फोटो भी राष्ट्रपति को भेजी गई याचिका में संलग्न किया है। श्री दूबे ने ललिता कुमारी बनाम स्टेट ऑफ यूपी के केस व सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की संविधान पीठ का संज्ञान लिया जाए तो इतनी गंभीर घटना में पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके अलावा पुलिस ने गंभीर रूप से घायल सियाराम का इलाज तक नहीं कराया, जो मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है। अंत में उन्होंने राष्ट्रपति से पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच, दोषी अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने और पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवज़ा व अन्य सुविधाएं दिलाने की गुहार लगाई।
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