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रविवार, 14 सितंबर 2025

लाठीचार्ज से मृत भाजपा कार्यकर्ता को न्याय दिलाने को निःशुल्क केस लड़ेंगे हाईकोर्ट अधिवक्ता दीपक पाण्डेय

लाठीचार्ज से मृत भाजपा कार्यकर्ता को न्याय दिलाने को निःशुल्क केस लड़ेंगे हाईकोर्ट अधिवक्ता दीपक पाण्डेय, संविधान पर बताया हमला

नोनहरा स्थानीय थाना परिसर में हुए पुलिसिया लाठीचार्ज कांड ने पूरे जिले की राजनीति को हिला कर रख दिया है। पुलिस लाठीचार्ज का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। लाठीचार्ज के बाद भाजपा कार्यकर्ता सियाराम उपाध्याय की मौत के बाद अब यह मामला अदालत की दहलीज़ तक पहुंच चुका है। इस बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता दीपक पाण्डेय ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि वे इस केस को पूरी तरह निःशुल्क लड़ेंगे। श्री पाण्डेय ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं है बल्कि यह लोकतंत्र की जड़ों पर सीधा हमला है। संविधान का अनुच्छेद 21 हर नागरिक को जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार देता है। अगर पुलिस ही जनता की जान लेने लगे, तो यह स्पष्ट रूप से संविधान का हनन है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों अभी तक आरोपी पुलिसकर्मियों पर हत्या की धारा मुक़दमा दर्ज नहीं हुआ? सिर्फ निलंबन और लाइनहाजिर करना किसी भी तरह का न्याय नहीं है। कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होगी और उन पर हत्या का मुक़दमा नहीं चलेगा, तब तक यह केस अधूरा रहेगा। अधिवक्ता दीपक पाण्डेय का कहना है कि बीएनएस व बीएनएसएस दोनों में ऐसे मामलों के लिए स्पष्ट प्रावधान हैं। बिना लिखित आदेश और उचित चेतावनी के लाठीचार्ज अवैध है। अगर किसी की मौत पुलिस बल प्रयोग से होती है, तो संबंधित अधिकारी सीधे आपराधिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कई फैसले बताते हैं कि पुलिस को न्यूनतम बल प्रयोग का अधिकार है, न कि अत्यधिक बल प्रयोग का। ऐसे में अब पूरा ग़ाज़ीपुर और यूपी इस सवाल का जवाब चाहता है कि क्या मजिस्ट्रियल जांच महज़ लीपापोती बनकर रह जाएगी या इसमें कुछ ठोस कार्यवाही होगी? साथ ही बड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सीताराम उपाध्याय के परिवार को इंसाफ मिलेगा या यह केस भी अन्य की तरह फाइलों के नीचे दब जाएगा।

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