⚫ मूक-बधिर प्रणव की ऐतिहासिक सफलता पर भावुक हुए आदर्श मूक-बधिर विद्यालय के अध्यक्ष सुरेन्द्र तोलानी
लखीमपुर खीरी। जब इरादे बुलंद हों तो परिस्थितियां भी रास्ता बदल देती हैं। नई दिल्ली की प्रतिष्ठित डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित 49वीं उत्तर प्रदेश राज्य निशानेबाजी प्रतियोगिता-2026 में जन्म से श्रवण बाधित (मूक-बधिर) खिलाड़ी प्रणव तिवारी ने दो स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीतकर यह सिद्ध कर दिया कि सफलता किसी शारीरिक सीमा की मोहताज नहीं होती, बल्कि वह अटूट आत्मविश्वास, कठोर परिश्रम और अदम्य इच्छाशक्ति की देन होती है।
प्रणव की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर आदर्श मूक-बधिर विद्यालय, लखीमपुर खीरी के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार तोलानी ने भावुक शब्दों में शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि उन सभी दिव्यांग बच्चों के आत्मविश्वास की जीत है, जो बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।
उन्होंने कहा, "प्रणव तिवारी ने यह साबित कर दिया है कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता को सीमित नहीं कर सकती। यदि मन में लक्ष्य के प्रति समर्पण, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास हो तो हर असंभव कार्य भी संभव बन जाता है। आज प्रणव ने केवल पदक नहीं जीते हैं, बल्कि समाज की उस सोच को भी बदलने का काम किया है, जो दिव्यांगता को कमजोरी समझती है।
" श्री तोलानी ने कहा कि प्रणव की सफलता मूक-बधिर बच्चों के लिए आशा की नई किरण है। उनका संघर्ष और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देती हैं कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, यदि संकल्प अटल हो तो सफलता स्वयं कदम चूमती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रणव तिवारी भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का तिरंगा और ऊंचा लहराकर देश, उत्तर प्रदेश और लखीमपुर खीरी का नाम विश्व पटल पर गौरवान्वित करेंगे।
उन्होंने प्रणव तिवारी एवं उनके परिवार, प्रशिक्षकों और सभी सहयोगियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज का प्रत्येक नागरिक ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाए, ताकि दिव्यांगजन भी अपने सपनों को नई उड़ान दे सकें। "प्रणव की सफलता यह संदेश देती है कि सुनने की शक्ति से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है अपने लक्ष्य की आवाज़ को सुनना। जिसने अपने सपनों की पुकार सुन ली, उसे दुनिया की कोई बाधा मंज़िल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती।"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Post Comments