⚫ पालीथीन मुक्त प्रदेश की पुकार : वन्देमातरम् फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री को भेजा जनहित का ज्ञापन
लखीमपुर खीरी। जब समाज के जागरूक नागरिक पर्यावरण संरक्षण को अपना दायित्व मानकर आगे आते हैं, तब जनहित की आवाज़ केवल मांग नहीं रह जाती, बल्कि एक जनांदोलन का स्वरूप ले लेती है। इसी भावना के साथ "जागें त्यागें पालीथीन" अभियान के संयोजक ब्रजेश मिश्रा के नेतृत्व में वन्देमातरम् फाउंडेशन ने सिंगल यूज पालीथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कराने की मांग को लेकर जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन में कहा गया कि सिंगल यूज पालीथीन पर्यावरण, जनस्वास्थ्य और गौवंश के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद अनेक स्थानों पर इसका निर्माण, भंडारण और बिक्री जारी है, जिससे प्रतिबंध का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। फाउंडेशन ने मांग की कि ऐसी फैक्ट्रियों और अवैध आपूर्ति श्रृंखलाओं पर कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें पूर्ण रूप से बंद कराया जाए। ज्ञापन सौंपते हुए वक्ताओं ने कहा कि पालीथीन केवल धरती की उर्वरा शक्ति को ही नष्ट नहीं करती, बल्कि नालियों को जाम कर जलभराव की समस्या बढ़ाती है। सड़क किनारे घूमने वाले गौवंश द्वारा पालीथीन निगल लेने से उनकी जान तक चली जाती है। यह समस्या केवल पर्यावरणीय नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से भी जुड़ी हुई है। संस्थाध्यक्ष कवि सत्येंद्र द्विवेदी ‘गंवार लखीमपुरी’ ने कहा कि प्रकृति हमें जीवन देती है और उसका संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। वहीं महामंत्री ब्रजेश मिश्रा ने कहा कि यदि आज हम पालीथीन के दुष्प्रभावों के प्रति गंभीर नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका भारी मूल्य चुकाना पड़ेगा। उन्होंने प्रदेश को पूर्ण रूप से पालीथीन मुक्त बनाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।
ज्ञापन देने वालों में विजय मिश्रा राजू, चन्द्रशेखर मिश्रा, आचार्य संजय मिश्रा, डॉ. आलोक मिश्रा, संजीव व्योम, प्रकाश चन्द्र वर्मा, सूर्यमणि मिश्रा, संतोष मिश्रा पुत्तन, शिव प्रसाद द्विवेदी, राजेश कुमार सहित अनेक समाजसेवी एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि सिंगल यूज पालीथीन पर पूर्ण रोक समय की मांग है। पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और गौवंश की सुरक्षा के लिए इसका कठोरता से पालन सुनिश्चित कराया जाना चाहिए। वन्देमातरम् फाउंडेशन का यह प्रयास समाज को एक सकारात्मक संदेश देता है कि यदि जनजागरण और जनभागीदारी साथ हों, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जा सकता है।
"प्रकृति की रक्षा ही भविष्य की सुरक्षा है" इसी संकल्प के साथ वन्देमातरम् फाउंडेशन का यह अभियान जनहित में एक सार्थक पहल बनकर उभरा है।
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