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मंगलवार, 2 जून 2026

विश्वास का सम्मान, कर्म का प्रतिमान, अर्चना श्रीवास्तव फिर बनीं महिला जिला प्रधान, बधाईयों के पुष्प से महका योग परिवार

🔘 विश्वास का सम्मान, कर्म का प्रतिमान, अर्चना श्रीवास्तव फिर बनीं महिला जिला प्रधान, बधाईयों के पुष्प से महका  योग परिवार 

लखीमपुर खीरी। जब समर्पण साधना बन जाए, सेवा संस्कार का रूप ले ले और नेतृत्व विश्वास की पहचान बन जाए, तब समाज स्वयं ऐसे व्यक्तित्व को पुनः दायित्व सौंपकर अपनी आस्था प्रकट करता है। भारतीय योग संस्थान लखीमपुर खीरी की महिला जिला प्रधान के रूप में अर्चना श्रीवास्तव का निर्विरोध एवं सर्वसम्मति से पुनर्निर्वाचन इसी विश्वास, कर्मनिष्ठा और समर्पण का सजीव प्रमाण है।

उनके चयन की घोषणा होते ही जनपद की योग साधिकाओं में हर्ष और उत्साह की लहर दौड़ गई। बधाइयों का सिलसिला सोशल मीडिया से लेकर दूरभाष और व्यक्तिगत मुलाकातों तक निरंतर जारी है। योग परिवार के सदस्य इसे केवल एक चुनाव परिणाम नहीं, बल्कि वर्षों की निस्वार्थ सेवा और समर्पित साधना का सम्मान मान रहे हैं। 

महिला विंग की स्थापना काल से ही जिला प्रधान का दायित्व संभाल रही श्रीमती श्रीवास्तव ने अपने कार्यकाल में योग को जन-जन तक पहुँचाने का उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने न केवल नई योग साधिकाओं को संस्थान से जोड़ने का सफल प्रयास किया, बल्कि जनपद में योग साधना केंद्रों के विस्तार और नियमित योगाभ्यास की संस्कृति को भी सुदृढ़ किया।

 संस्थान के उद्देश्यों, उपलब्धियों और योग के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने में उनका योगदान सराहनीय रहा है। योग के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ-साथ श्रीमती श्रीवास्तव सामाजिक सरोकारों से भी निरंतर जुड़ी रही हैं। उनका सौम्य व्यक्तित्व, मृदुभाषिता, अनुशासनप्रियता और कुशल नेतृत्व क्षमता उन्हें अन्य साधिकाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनाती है। वास्तव में उन्हें “कर्मयोगिनी” की संज्ञा देना उनके व्यक्तित्व का उचित सम्मान होगा। अपने पुनर्निर्वाचन पर श्रीमती श्रीवास्तव ने संस्थान के शीर्ष नेतृत्व, सभी योग साधिकाओं एवं शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने संस्थान की रीति-नीति के प्रति अपनी पूर्ण आस्था व्यक्त करते हुए योग के व्यापक विकास और संगठन की उन्नति के लिए निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई। 

उल्लेखनीय है कि चुनाव प्रक्रिया संस्थान के प्रांतीय प्रधान नरेश चंद्र वर्मा की निष्पक्ष देखरेख एवं संस्थान संरक्षक सेवक सिंह अजमानी के मार्गदर्शन में अत्यंत शालीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। यह चुनाव न केवल संगठनात्मक लोकतंत्र का उदाहरण बना, बल्कि योग परिवार की एकता, अनुशासन और संस्कारों की भी सुंदर अभिव्यक्ति सिद्ध हुआ। अर्चना श्रीवास्तव का यह पुनर्निर्वाचन योग, सेवा और समर्पण की उस यात्रा का सम्मान है, जो समाज को स्वस्थ, संस्कारित और सकारात्मक दिशा देने के लिए निरंतर आगे बढ़ रही है।

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