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मंगलवार, 23 जून 2026

Lmp. 75 दिनों की अविरल साधना का ऐतिहासिक समापन, 39,902 लोगों तक पहुँचा योग का अमृत

🔘 आयुष विभाग के सहयोग से योग रंजन का अद्भुत संकल्प, 75 दिनों में 39,902 लोगों तक पहुँचा योग का अमृत

🔘 75 दिनों की अविरल साधना का ऐतिहासिक समापन, 39,902 लोगों तक पहुँचा योग, स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवन का संदेश

दैनिक जनजागरण न्यूज डिजिटल, लखीमपुर-खीरी, 21 जून 2026। योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित, सकारात्मक और अनुशासित बनाने की भारतीय संस्कृति की अमूल्य विरासत है। इसी दिव्य भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से योग रंजन फाउंडेशन द्वारा आयुष विभाग के सहयोग से संचालित 75 दिवसीय योग जागरूकता अभियान का भव्य एवं ऐतिहासिक समापन 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सम्पन्न हुआ। यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और सामूहिक सहभागिता का ऐसा महायज्ञ बन गया, जिसने पूरे जनपद को योगमय कर दिया।

7 अप्रैल 2026 को क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. सुमन्त कुमार द्वारा शुभारम्भ किए गए इस अभियान ने लगातार 75 दिनों तक जनपद के शहरों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक योग की अलख जगाई। इस अवधि में 18,462 पुरुषों एवं 21,440 महिलाओं सहित कुल 39,902 लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ाया। जनपद के 150 से अधिक स्थानों पर योग शिविर, कार्यशालाएँ, प्रतियोगिताएँ, जागरूकता कार्यक्रम तथा सामूहिक योगाभ्यास का सफल आयोजन किया गया। इस विराट अभियान का कुशल संचालन एवं समन्वयन योग रंजन फाउंडेशन की सह-संस्थापिका योगाचार्या प्रगति बरनवाल के नेतृत्व में हुआ। उनके मार्गदर्शन में योगाचार्यों, प्रशिक्षकों एवं स्वयंसेवकों की समर्पित टीम ने घर-घर, विद्यालय-विद्यालय और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचकर योग को जीवनशैली बनाने का संदेश दिया। उनका अथक परिश्रम इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरा। अभियान के दौरान विद्यालयों, महाविद्यालयों, आवासीय शिक्षण संस्थानों, आश्रमों, वृद्धाश्रमों, सरकारी कार्यालयों, बैंकों, जिला कारागार, आंगनबाड़ी केंद्रों, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं, सार्वजनिक स्थलों तथा सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की तीनों वाहिनियों में योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों, महिलाओं, किशोरियों, युवाओं, कर्मचारियों, वरिष्ठ नागरिकों, पुलिस एवं सुरक्षा बलों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए विशेष योग सत्र आयोजित कर योग के व्यापक सामाजिक स्वरूप को साकार किया गया।

अभियान के अंतर्गत कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP), योग फॉर हेल्दी एजिंग, वाई-ब्रेक योग प्रोटोकॉल, सूर्य नमस्कार, योगासन प्रतियोगिताएँ, प्राणायाम, ध्यान, स्वास्थ्य संवाद तथा योग जागरूकता कार्यशालाओं का सफल आयोजन हुआ। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक पहुँचने के लिए 75 दिनों का सतत काउंटडाउन अभियान भी लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। इस जनआंदोलन की सफलता में जिला प्रशासन, आयुष विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, सशस्त्र सीमा बल, विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं तथा अनेक स्वयंसेवी संगठनों ने उल्लेखनीय सहयोग दिया। गायत्री परिवार, ब्रह्माकुमारी, भारतीय योग संस्थान, अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ, पतंजलि योग संस्थान, आर्ट ऑफ लिविंग, सहज योग, मेरा युवा भारत सहित अनेक संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता ने अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया।

अभियान को सफल बनाने में 16 योगाचार्यों एवं 20 योग वॉलेंटियर्स ने उल्लेखनीय योगदान दिया। विशेष रूप से योगाचार्या राजदीपिका तिवारी, आकांक्षा वर्मा, योगाचार्य प्रदीप कुमार शर्मा, अमूलदीप तिवारी, प्रीति शुक्ला, नूपुर सिंह, नूपुर गुप्ता, खुशी वर्मा, अश्विन राज, सुमन राजपूत, सौरभ राज, शिवराम वर्मा, कुलदीप वर्मा, महेंद्र कुमार एवं रमेश कुमार ने अपने समर्पण, सेवा और परिश्रम से इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया। वहीं योग रंजन योगिनी समूह ने अपने प्रेरणादायी योग प्रदर्शन एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों से लोगों को योग के प्रति विशेष रूप से आकर्षित किया। योग रंजन फाउंडेशन के संस्थापक प्रिंस रंजन बरनवाल ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल योग दिवस मनाना नहीं, बल्कि योग को प्रत्येक व्यक्ति की दैनिक जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाना था।

 उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि हजारों लोगों ने नियमित योगाभ्यास का संकल्प लेकर स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन की दिशा में कदम बढ़ाया है। समापन अवसर पर योगाचार्या प्रगति बरनवाल ने भावुक शब्दों में कहा कि यह सफलता किसी एक संस्था की नहीं, बल्कि उन हजारों योग साधकों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, सुरक्षा बलों, सहयोगी संस्थाओं और स्वयंसेवकों की सामूहिक साधना का परिणाम है जिन्होंने योग को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प निभाया। उन्होंने सभी सहयोगी संस्थाओं, समाचार-पत्रों, डिजिटल एवं सोशल मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. सुमन्त कुमार ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है और स्वस्थ समाज के निर्माण में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने योग रंजन फाउंडेशन, सभी योगाचार्यों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगी संस्थाओं को बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे लोकहितकारी प्रयास निरंतर जारी रखने की अपेक्षा व्यक्त की।
75 दिनों तक चला यह प्रेरणादायी अभियान इस सत्य का सशक्त प्रमाण बनकर सामने आया कि जब समाज, प्रशासन और संस्थाएँ एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ते हैं, तब योग केवल अभ्यास नहीं रहता, बल्कि जनस्वास्थ्य का महाअभियान बन जाता है। लखीमपुर-खीरी की इस ऐतिहासिक पहल ने यह संदेश दिया है कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और सशक्त समाज का मार्ग योग से होकर ही जाता है। यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक उज्ज्वल अध्याय बनकर सदैव स्मरणीय रहेगा।

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