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सोमवार, 25 मई 2026

Lmp. इंसानियत के पहियों पर दौड़ेगा “गौ ग्रास रथ"

🔘 इंसानियत के पहियों पर दौड़ेगा “गौ ग्रास रथ"

लखीमपुर। जब किसी शहर में इंसान केवल अपने लिए नहीं, बल्कि उन बेजुबान प्राणियों के लिए भी सोचने लगे जिनकी भूख की कोई आवाज़ नहीं होती, तब समाज केवल विकसित नहीं होता संवेदनशील भी बनता है।

ऐसी ही मानवीय करुणा, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल उस समय देखने को मिली, जब नगर पालिका अध्यक्षा डॉ. इरा श्रीवास्तव के पुत्र कपिल श्रीवास्तव के निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसने पशु सेवा के क्षेत्र में एक नई उम्मीद को जन्म दे दिया। बैठक में समाजहित और पशु कल्याण से जुड़े कई विषयों पर गंभीर चर्चा हुई, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण निर्णय रहा “गौ ग्रास रथ” का शुभारंभ। यह विशेष रथ अब शहर के विभिन्न मोहल्लों से घर-घर जाकर रोटियां एवं खाद्य सामग्री संग्रहित करेगा, जिन्हें Animal Lover Society Lakhimpur द्वारा सड़क पर रहने वाले बेसहारा पशुओं एवं गौशालाओं तक पहुंचाया जाएगा। बताया गया कि किस दिन यह रथ किस मोहल्ले में पहुंचेगा, इसकी विस्तृत सूची भी तैयार कर ली गई है। संस्था पदाधिकारियों के अनुसार यह योजना लंबे समय से उनके विचारों में थी, लेकिन आर्थिक संसाधनों के अभाव में इसे मूर्त रूप नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में कपिल श्रीवास्तव ने आगे बढ़कर न केवल इस सोच को समर्थन दिया, बल्कि उसे जमीन पर उतारने का मार्ग भी प्रशस्त किया। संस्था ने उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल एक रथ नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं को जोड़ने वाला अभियान है जहां एक घर की बची हुई रोटी किसी बेजुबान की भूख मिटाएगी और इंसानियत का मान बढ़ाएगी। सोसायटी ने यह भी जानकारी दी कि गौ ग्रास रथ के सुचारु संचालन एवं प्रबंधन के लिए एक अलग समूह बनाया जा रहा है। ऐसे लोग जो इस सेवा अभियान में केवल श्रमदान देकर सहयोग करना चाहते हैं, उनका भी स्वागत किया जाएगा। इस अवसर पर सोसायटी संरक्षक सुरेंद्र तोलानी, अध्यक्ष नूतन मिश्रा, गौ सेवक गोलू जोशी, अरुण अवस्थी, दीपक गुलाटी एवं उत्कर्ष कश्यप उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि पशु सेवा, सुरक्षा और नवाचार के संकल्प के साथ शेल्टर निर्माण की दिशा में कार्य कर रहे Animal Lover Society Lakhimpur के पदाधिकारी हाल ही में उन्नाव स्थित हनुमत जीव आश्रय का अवलोकन कर लौटे थे, जहां से मिली प्रेरणा ने इस अभियान को और अधिक मजबूती प्रदान की। लखीमपुर में शुरू हुई यह “गौ ग्रास यात्रा” अब केवल पशुओं के भोजन का माध्यम नहीं, बल्कि इंसानियत, सहयोग और करुणा की चलती-फिरती मिसाल बनने जा रही है।

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