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रविवार, 31 मई 2026

Lmp. करुणा के घरौंदे को आकार देने में जुटी एनीमल लवर सोसायटी, निराश्रित प्राणियों के आश्रय को मिलेगी नई गति

🔘 करुणा के घरौंदे को आकार देने में जुटी एनीमल लवर सोसायटी, निराश्रित प्राणियों के आश्रय को मिलेगी नई गति

लखीमपुर खीरी। संवेदनशील समाज की पहचान केवल मनुष्यों के प्रति करुणा से नहीं, बल्कि उन निरीह प्राणियों के प्रति अपनत्व से भी होती है जो अपनी पीड़ा स्वयं व्यक्त नहीं कर पाते। इसी मानवीय संवेदना को साकार रूप देने के उद्देश्य से जनपद की अग्रणी संस्था एनीमल लवर सोसायटी द्वारा शहर में निराश्रित एवं असहाय पशुओं के लिए बनाए जा रहे निर्माणाधीन शेल्टर को शीघ्र पूर्ण कराने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक सोसायटी के महामंत्री प्रशांत लाला के आवास पर आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता सोसायटी अध्यक्ष नूतन मिश्रा ने की, जबकि संचालन महामंत्री प्रशांत लाला ने किया। कार्यक्रम में संरक्षक सुरेन्द्र कुमार तोलानी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक का वातावरण सेवा, समर्पण और करुणा के भावों से ओतप्रोत रहा, जहां पशु कल्याण को लेकर गंभीर मंथन हुआ। पशु प्रेमियों ने निर्माणाधीन शेल्टर को अधिक सुविधाजनक एवं शीघ्र पूर्ण कराने के लिए अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए। विचार-विमर्श के दौरान एक ठोस एवं व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई, जिसे जल्द ही अमल में लाकर निर्माण कार्य को नई गति प्रदान की जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि यह शेल्टर केवल एक भवन नहीं, बल्कि उन बेसहारा पशुओं के लिए सुरक्षा, संरक्षण और स्नेह का आश्रय बनेगा जो सड़कों पर उपेक्षा और कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। संरक्षक सुरेन्द्र कुमार तोलानी और अध्यक्ष नूतन मिश्रा ने अपने संबोधन में पशु सेवा को मानवता की सर्वोच्च अभिव्यक्ति बताते हुए सभी सदस्यों से इस पुण्य अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। वहीं उपाध्यक्ष डॉ. अंकित श्रीवास्तव, सदस्य अरुण अवस्थी, गोलू जोशी सहित अन्य पशु प्रेमियों ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव देकर अभियान को मजबूत बनाने का संकल्प व्यक्त किया। बैठक का समापन पशु प्रेम और सेवा के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। सूक्ष्म जलपान के उपरांत उपस्थित सभी सदस्यों ने शेल्टर निर्माण कार्य में अपनी सक्रियता और सहयोग को और अधिक गति देने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह बैठक इस बात का प्रमाण बनी कि जब संवेदनाएं संगठित होती हैं, तो करुणा केवल भावना नहीं रहती, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बन जाती है।

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