आज भगवानदीन आर्य कन्या महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय क्रीड़ा समारोह का समापन अत्यंत हर्षोल्लास, ऊर्जा और उपलब्धियों के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि छात्राओं के आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का जीवंत मंच बन गया।
समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य गीता शुक्ला ने प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सहयोग, साहस और नेतृत्व के गुणों को विकसित करते हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की कुंजी बनते हैं। विशिष्ट अतिथि तृप्ति अवस्थी, सचिव, गुरु नानक स्पोर्ट्स एकैडेमी ने छात्राओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की प्रेरणा दी। वहीं एस. एम. आसिफ, सचिव, ताइक्वांडो एसोसिएशन ने कहा कि खेलों में हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण अनुशासन और आत्मविश्वास होता है, जो जीवन को नई दिशा देता है। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन करते हुए क्रीड़ा प्रभारी अर्चना सिंह ने कहा कि खेल का मैदान वह स्थान है, जहाँ जीवन के सबसे महत्वपूर्ण अनुशासन सहज रूप से सीखने को मिलते हैं।
प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार रहे—
🔘 बैडमिंटन सिंगल्स: प्रथम लविशा तिवारी, द्वितीय शिल्पी, तृतीय हिमांशी जोशी
🔘 बैडमिंटन डबल्स: प्रथम लविशा तिवारी एवं वैष्णवी, द्वितीय शिल्पी एवं हिमांशी जोशी
🔘 रस्सी कूद: प्रथम ज्योति वर्मा, द्वितीय इशिका
तृतीय शिवानी शर्मा, सांत्वना – रानी
🔘 कैरम प्रतियोगिता:
प्रथम शिल्पी, द्वितीय –नैंसी बरनवाल, तृतीय रानी
खो-खो प्रतियोगिता: टीम ‘बी’ विजेता रही।
इन सभी प्रतियोगिताओं का सफल संचालन और निर्देशन रेखा पाण्डेय, सरिता, सुरचना त्रिवेदी, शिवांगी सक्सेना, राखी चौहान और शुभा मिश्रा के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ, जबकि कोच आबिदा की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाओं, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और बड़ी संख्या में उपस्थित छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर आयोजन को यादगार बना दिया।
यह क्रीड़ा समारोह इस बात का सशक्त संदेश देकर सम्पन्न हुआ कि जब अवसर मिलता है, तो बेटियाँ केवल भागीदारी ही नहीं करतीं वे उत्कृष्टता का नया मानक स्थापित करती हैं।
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