लखीमपुर खीरी, 03 मार्च। रंगों के उत्सव होली ने इस बार केवल आंगनों को ही नहीं, दिलों को भी रंग दिया। जब संवेदनशीलता प्रशासन का स्वर बन जाए, तो त्योहार केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आत्मीयता का उत्सव बन जाता है। इसी भाव को साकार करते हुए जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों तक मिठास और मुस्कान पहुंचाकर होली को सच अर्थों में सार्थक कर दिया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार मुकेश कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने वृद्धाश्रम पहुंचकर गुजिया, मिष्ठान और ताजे फलों का वितरण किया। केवल उपहार ही नहीं, बल्कि डीएम का स्नेहिल संदेश भी बुजुर्गों तक पहुंचाया गया। संदेश के शब्दों में आत्मीयता की ऐसी ऊष्मा थी, जिसने वर्षों के अनुभव से भरे चेहरों पर नवप्रभात सी आभा बिखेर दी।
शुभकामना संदेश में कहा गया कि “होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि स्नेह, सम्मान और अपनत्व का उत्सव है। आप हमारे अपने हैं, और प्रशासन सदैव आपके साथ खड़ा है। आपकी खुशहाली, स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
इन शब्दों ने बुजुर्गों के हृदय को छू लिया। उनके आशीर्वादों की मधुर ध्वनि ने वातावरण को और भी पावन बना दिया। मानो प्रशासन और समाज के बीच की दूरी इस रंगोत्सव में स्नेह के रंगों से धुल गई हो।
नायब तहसीलदार सुनील कुमार, प्रचार सहायक लोकेश कुमार गुप्ता, राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल सहित पूरी टीम ने आत्मीय भाव से वितरण कार्य संपन्न किया। यह पहल केवल एक प्रशासनिक कार्यवाही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना का जीवंत उदाहरण बन गई।
होली के रंग जब कर्तव्य और करुणा से मिलते हैं, तब मुस्कानें केवल चेहरे पर नहीं, बल्कि आत्मा तक उतर जाती हैं। इस स्नेहमयी पहल ने यह सिद्ध कर दिया कि सच्ची होली वही है, जो किसी के जीवन में उजाला और अपनापन भर दे।
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