🔘 प्रगति-2026 में लखीमपुर की बेटियों ने बढ़ाया मान, प्रतिभाओं को मिला सम्मान
🔘 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर राजधानी लखनऊ में आयोजित हुआ प्रगति-2026 कार्यक्रम
लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर दयाल गेटवे, लखनऊ में आयोजित प्रगति-2026 कार्यक्रम जनपद लखीमपुर खीरी के लिए गर्व और गौरव का क्षण बन गया। शिक्षा, प्रतिभा और नारी सशक्तिकरण के संगम से सजे इस भव्य समारोह में जनपद की प्रतिभाशाली छात्राओं और शिक्षकों को मंच से सम्मानित किया गया, जिससे पूरे जिले का मान और भी ऊँचा हो गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश संदीप सिंह ने जनपद लखीमपुर खीरी की पुरातन छात्रा निधि वर्मा को सम्मानित कर उनके उत्कृष्ट योगदान की सराहना की। सम्मान का यह क्षण न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे जनपद के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गया। समारोह के दौरान बच्चों ने अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और आत्मविश्वास से सजी अद्भुत प्रस्तुतियां दीं। मंच पर उभरती इन नन्हीं प्रतिभाओं की सजीव और प्रभावशाली झलक ने उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों और दर्शकों का मन मोह लिया। सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और सभी ने बच्चों के उत्साह व प्रदर्शन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालय थरिया से अनुज कुमार एवं उनकी शिक्षिका पूनम गुप्ता, उच्च प्राथमिक विद्यालय पहाड़ापुर से मानसी त्रिवेदी एवं उनकी शिक्षिका डॉ. नमिता श्रीवास्तव, तथा केजीबीवी बेहजम से छवि सिंह एवं उनकी शिक्षिका अपर्णा पाण्डेय को उप निदेशक बालिका शिक्षा उत्तर प्रदेश डॉ. मुकेश कुमार सिंह द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। इसी क्रम में मास्टर ट्रेनर कुहू बनर्जी को भी शिक्षा क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही जनपद में बालिका शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली जिला समन्वयक रेनू श्रीवास्तव तथा जनपद नोडल जसपाल सिंह को भी सम्मानित कर उनके प्रयासों की सराहना की गई। समूचे कार्यक्रम में बच्चों का प्रदर्शन अत्यंत प्रेरणादायक, ऊर्जावान और सराहनीय रहा। यह उपलब्धि जनपद लखीमपुर खीरी के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और शिक्षा विभाग की पूरी टीम के सामूहिक प्रयास, समर्पण और अथक परिश्रम का सजीव उदाहरण है। यह सम्मान केवल कुछ नामों का नहीं, बल्कि उस सपने का उत्सव है जो शिक्षा के माध्यम से बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। लखीमपुर खीरी की यह उपलब्धि निश्चय ही आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का दीप बनेगी।
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