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शुक्रवार, 23 जून 2023

प्रयागराज / अनचाहे नवजात शिशुओं के लिए एसआरएन में बनेगा आश्रय पालना स्थल

प्रयागराज नेहरू मेडिकल कॉलेज की कार्यशाला डॉ. एसपी सिंह, प्रमुख अध्यक्ष डॉ. अजय सक्सैना, उप उपाध्यक्ष गौतम डॉ. त्रिपा और एबीवीपी विभाग संगठन के मंत्री राकेश मौर्य ने आश्रय स्थल की भूमि का पूजन किया। महेशाश्रम, मां भगवती विकास संस्थान, यूके द्वारा अपने जीवन संरक्षण अभियान के तहत प्रदेश के सात आदर्श उत्तर प्रदेश, नोएडा, गोरखपुर, आगरा, युवा, डूबा हुआ, लापता, और कानपुर के राजकीय चिकित्सा शिविरों की महिलाओं की योजनाओं में आश्रय स्थल की स्थापना की जा रही है। है. यह आश्रय पालन स्थल हाईटेक मोशन सेंसर से युक्त होगा। फॉलो प्लेस में इंस्टिट्यूट को छोड़े के 2 मिनट बाद नोट के वेलकम रूम में आप अपनी घंटी बजेगी। इस बीच दो मिनट के समय में कोई भी व्यक्ति आसानी से वहां से निकल जाएगा। जो भी व्यक्ति आश्रय में नवजात शिशु को सुरक्षित छोड़ता है, उसकी पहचान पूर्ण रूप से गुप्त रखी जाएगी। उनके खिलाफ पुलिस में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाएगी। घंटी बजने के दो मिनट बाद स्वागत कक्ष में मौजूद मेडिकल स्टाफ द्वारा शिशु की मेडिकल जांच की जाएगी। इसके अलावा बच्चों को दूध पिलाना, साफ-सफाई करना, साफ-सुथरे कपड़े पहनना आदि की व्यवस्था होगी। स्वरूप रानी नेहरू नारायन में रविवार को दोपहर एक बजे न्यूनतम केशरी देवी पटेल, अल्पसंख्यक रीता बहुगुणा जोशी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत प्रचारक मठाधीश दर्शन स्थल  का आदर्श शामिल होगा।शिशुगृह के स्वस्थ होने पर इलेक्ट्रानिक वैज्ञानिक मान्यता प्राप्त शिशु गृह में भेजा जाएगा। जिला बाल कल्याण समिति द्वारा शिशु को गोद लेने के लिए आवश्यक विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित किया जाएगा। यह कार्रवाई केंद्र दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण द्वारा की जाएगी। जिला न्यायालय द्वारा उस शिशु गृह को दत्तक ग्रहण के माध्यम से समाप्त कर दिया गया।

आश्रय पालन स्थल का लाभ

1. संपूर्ण अनचाहे नवजात शिशु को जीने का अधिकार प्राप्त हो। 2. वफादार इन मासूमों की विधि संग्रहालय गोद ले कर अपना परिवार पूरा कर खर्च

3. हर मासूम को स्वस्थ एवं सुरक्षित खुशनुमा माहौल में स्नेह व सम्मान के साथ विकसित होने का अवसर प्राप्त हो। 4. अच्छी दीक्षा से आने वाले कल यह निर्दोष समाज एवं राष्ट्र के लिए अमूल्य संपत्ति बन जाता है।
जाहे नवजात शिशु के स्वास्थ्य की रक्षा को लेकर एसआरएन में बाल रोग विशेषज्ञ की उनकी टीम स्वास्थ्य का परीक्षण करती है। डॉ. एसपी सिंह, कर्मशाला, मोती लाल नेहरू मेडिकल एम्स प्रदेश में इन आश्रय स्थलों की स्थापना के तहत संरक्षण अभियान चलाया जा रहा है। पिछले एक साल में 29 अनाचाहे मशाल को अलग-अलग जगहों पर खत्म कर दिया गया है। ये सभी बेटियाँ हैं- गुरु अग्रवाल, योग गुरु, महेशाश्रम, मां भगवती विकास संस्थान राजस्थान ।

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