● चिन्हित फाइलेरिया मरीजों को दी जाएगी एमएमडीपी किट: जिला मलेरिया अधिकारी।
● फाइलेरिया को बढ़ने से रोकने में सहायक है एमएमडीपी किट।
लखीमपुर, 4 जनवरी 23। फाइलेरिया रोगियों को इंफेक्शन से बचाने और और उनमें फाइलेरिया को घटाने के लिए विभाग द्वारा एमएमडीपी किट का वितरण किया जाएगा। ताकि मरीज साफ-सुथरे रहकर फाइलेरिया के स्टेज को न सिर्फ बढ़ने से रोके बल्कि उसको कम भी किया जा सके। जिला मलेरिया अधिकारी शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में तकरीबन एक हजार के करीब फाइलेरिया रोग ही हैं। फाइलेरिया रोगियों को एमएमडीपी किट दी जानी है। वितरण के लिए किट मंगा ली गई हैं। शीघ्र ही तैयारियां पूरी कर फाइलेरिया मरीजों को किट प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन मरीजों को किट का वितरण किया जाना है। उनको चिन्हित कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि ऐसे मरीजों को चिन्हित किया गया है, जिनके हाथ-पैर में सूजन आ गई है। या फिर उनके फाइलेरिया ग्रसित अंगों से पानी का रिसाव होता है। इस स्थिति में प्रभावित अंगों की सफाई रखना बेहद जरूरी होती है। ऐसे मरीजों को किट दी जाएगी। किट में प्रभावित अंगों की अच्छी तरह से साफ-सफाई को लेकर टब, मग, तौलिया, साबुन, एंटीफगल क्रीम व जरूरी चीजें दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया ग्रसित अंगों की साफ-सफाई रखने से इंफेक्शन का डर नहीं रहता है और सूजन में भी कमी रहती है। उन्होंने बताया कि मरीजों को दवा भी दी जा रही है।
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पांच से 15 वर्ष में दिखते फाइलेरिया के लक्षण
फाइलेरिया इंस्पेक्टर सैयद अनस अहमद ने बताया कि क्यूलेक्स मच्छर फाइलेरिया संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद किसी स्वस्थ्य व्यक्ति को काटता है तो उसे भी संक्रमित कर देता है। लेकिन संक्रमण के लक्षण पांच से 15 साल में उभरकर सामने आते हैं। इससे या तो व्यक्ति को हाथ-पैर में सूजन की शिकायत होती है। या फिर अंडकोष में सूजन आ जाती है। महिलाओं को स्तन के आकार में परिवर्तन हो सकता है।
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