● किसान दिवस : डीएम ने सुनी किसानों की समस्याएं, निस्तारण के दिए निर्देश।
● किसानों की समस्याओं का निदान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : डीएम।
लखीमपुर खीरी 21 दिसंबर। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम महेंद्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता में किसाान दिवस का आयोजन हुआ। बैठक का संचालन उप कृषि निदेशक आनंद मोहन मिश्रा ने किया।
डीएम ने मौजूद किसानों की न केवल समस्याएं सुनी बल्कि निराकरण के संबंध में मौजूद अफसरों को निर्देश दिए। किसानों की समस्याओं का निदान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों के हितों को संरक्षित करने के लिए शासन-प्रशासन करते संकल्पित होकर काम कर रहा है। इसके लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार किसानपरक योजनाओं के जरिए उन्हें समृद्ध बनाने के लिए नित नए कदम उठा रही है।
सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि शासन किसानों को समृद्ध बनाने के लिए कृत संकल्पित होकर काम कर रहा है। किसान परक योजनाओं से जुड़कर खेती किसानी से अपनी आई को बढ़ाएं।
किसानों को अवगत कराया कि फसलों के बीमा के लिए पेमेंट जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2022 है। सभी किसान भाई अपने किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बैंक से या कॉमन सर्विस सेंटर से प्रीमियम जमा करके फसलों का बीमा अवश्य करा लें जिससे किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में क्षति होने पर क्षतिपूर्ति मिल सके।
पीपीओ ने बताया कि गेहूँ की फसल की बुवाई अपनी समाप्ति की ओर है। कृषक टाईकोडर्मा एवं कार्बडाजिंन द्वारा भूमि शोधन एवं बीज शोधन करके बीज की बुवाई करें। कृषि रक्षा इकाईयों पर 75 प्रतिशत अनुदान पर टाईकोडर्मा धीरे-धीरे सभी कृषक प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ रहे है। अतः कृषकों को बायो पेस्टीसाइड के प्रयोग को बढ़ाना होगा। फफूंदीनाशक बीमारियों हेतु टाईकोडर्मा का प्रयोग करें। दीमक समस्या के लिए विबेरिया वैसियाना का प्रयोग करें। गेहूँ फसल में खरपतवार की समस्या हेतु कृषि रक्षा इकाईयों पर सल्फोसल्फयूरान 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध है, जिसका प्रयोग कृषक कर सकते है। सरसों में मॉहू की समस्या के लिए नीम ऑयल या डाइमेथोएट का प्रयोग करें। सभी कृषक सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली के वाट्सएप नं. 9455247111 एवं 9455257111 पर कृषि रक्षा सम्बन्धी समस्या का निदान 48 घण्टें के अन्दर प्राप्त कर सकते है।
यूनिर्वसल सोम्पो जनरल इंश्योरेन्स कम्पनी लि0 के प्रतिनिधि धर्मेन्द्र गिरी ने बताया कि कि जनपद में मसूर, सरसों एवं गेहूँ की फसलों के लिए फसल बीमा की अन्तिम तिथि-31 दिसंबर 2022 तक है। फसलों की क्षति होने की दशा में 72 घण्टों के अन्दर टोल फ्री नं0 18002005142 पर शिकायत दर्ज करानी होगी।
डीडी कृषि ने किसानों को बताया कि कृषकों के द्वारा यूरिया का प्रयोग ज्यादा किया जा रहा है। जबकि महत्वपूर्ण तत्व पोटाश एवं सूक्ष्म तत्वों का प्रयोग बहुत कम किया जा रहा है। अतः गुणवत्तायुक्त फसल उत्पादन हेतु सभी कृषक संतुलित खादों का प्रयोग करें।
डीसीओ ने बताया कि गन्ना सेन्टरों पर कृषकों द्वारा जो गन्ना भेजा जा रहा है, उसको तौलाई के बाद स्वयं गन्ने उतराई करनी चाहिए। इसके लिए सेन्टर पर कोई धनराशि देने की आवश्यकता नहीं होती है। यदि कोई गन्ना उतराई के सम्बन्ध में माँग करना है तो मुझे तत्काल अवगत कराए। इस सम्बन्ध में सभी चीनी मिलों को निर्देश जारी कर दिये गये है।
सीवीओ ने बताया कि लम्पी वायरस की सूचना प्राप्त होने पर डाक्टरों की टीम गठित कर भेजा जा रहा है तथा विभिन्न ग्रामों में टीकाकरण का कार्य कराया गया है। किसानों ने बढ़खेरवा, मन्यौरा, फरधान में टीम भेजने का अनुरोध किया, जिस पर सीवीओ ने टीम बनाकर भेजने का आश्वासन दिया। डीएम ने कृषकों गन्ना, नलकूप एवं विद्युत विभाग से सम्बन्धित समस्याओं के निराकरण हेतु निर्देश दिये।
बैठक में डीडी कृषि अरविन्द मोहन मिश्र, पीपीओ सत्येन्द्र सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी सुभाष चंद्र, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी निखिल देव तिवारी, अग्रणी जिला प्रबंधक अजय कुमार पांडेय, डीसीओ वेद प्रकाश सिंह, सीवीओ डा0 सोमदेव चौहान, कृषि वैज्ञानिक डा0 एन0के0 त्रिपाठी, डा0 संजय सिंह अन्य अधिकारी एवं कृषक उपस्थित रहें।
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