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मंगलवार, 18 अक्टूबर 2022

मदरसों को लेकर यूपी सरकार सख्त, जांच में मिले 18 मदरसे अवैध, 25 तक जाएगी रिपोर्ट

कौशांबी मदरसों में गैर सामाजिक गतिविधियां होने की जानकारी मिलने के बाद से ही सरकार ने मदरसों की जांच शुरू कर दिया है। जिसके क्रम में कौशांबी जिले में भी गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक अभी तक 85 मदरसों की जांच की जा चुकी है इस दौरान 18 मदरसे अवैध रूप से संचालित किए जा रहे है। इन मदरसों का 12 बिंदुओ पर सर्वे कराने का फरमान सरकार ने जारी किया है। सरकार का आदेश पारित होते ही कौशांबी डीएम सुजीत कुमार के निर्देशन में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुनीता मंडार ने मदरसों के सर्वे का कार्य शुरू कराया। डीएम के निर्देश पर मदरसों के जांच के लिए 3 सदस्य की टीम गठित की गई। इस टीम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उप जिला अधिकारी एवं अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को शामिल किया गया। अफसरों की टीम ने समय रहते ही सभी मदरसों की जांच पूरी कर ली। जांच के दौरान 18 मदरसे ऐसे भी मिले, जिनका पंजीकरण नहीं था। इनमें से कई देवबंद के मदरसों से जुड़े हैं। जांच टीम ने जब इन मदरसों के संचालकों से दस्तावेजों की मांग की तो संचालकों ने बहानेबाजी शुरू कर दी और एक भी दस्तावेज नहीं दिखा सके। अफसरों की टीम ने फर्जी रूप से संचालित 18 मदरसों की सूची अलग से तैयार कर ली। इस सूची को जल्द ही अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी शासन को भेजेगी। उसके बाद शासन के आदेश पर फर्जी रूप से संचालित मदरसों पर क्या कार्रवाई होगी, इस पर भी फैसला होगा। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुनीता मंडार ने बताया कि अभी हम लोगों ने मदरसे का जो सर्वे किया है। सर्वे के हेड जिला अधिकारी हैं। इनके अलावा एसडीएम, बीएसए एवं हम खुद ही 3 सदस्य कमेटी में शामिल हैं। अभी तक मान्यता प्राप्त 85 मदरसों की जांच पूरी कर ली गई है, जिनमें 11 सरकार की तरफ से अनुदानित हैं। इनके अलावा बाकी प्राइवेट है। सर्वे में अभी तक हमें कुल 18 मदरसे ऐसे मिले हैं, जो मान्यता प्राप्त नहीं है। उन्होंने बताया कि 25 अक्टूबर तक हमारे पास समय है। उसके बाद हमें यह रिपोर्ट शासन को भेजनी है। तब तक हम जांच की प्रक्रिया जारी रखेंगे।

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