Breaking

शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

Lmp. जवाबी कव्वाली के सुरों से गूंज उठा ऐतिहासिक दशहरा मेला, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का दिखा खूबसूरत संगम

जवाबी कव्वाली के सुरों से गूंज उठा ऐतिहासिक दशहरा मेला, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का दिखा खूबसूरत संगम

पूर्व मंत्री हाजी उस्मानी और रिजवान रशीद ने किया शुभारंभ, सामाजिक योगदान देने वाली आठ विशिष्ट हस्तियां सम्मानित

लखीमपुर-खीरी। आस्था, संस्कृति और गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत छटा से सजे लखीमपुर के ऐतिहासिक भव्य दशहरा मेले का सातवां दिन जवाबी कव्वाली के नाम रहा।

 नगर पालिका परिषद द्वारा 29 अक्टूबर 2026 को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में कव्वाली की शानदार प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुरों की जुगलबंदी, दिलकश अंदाज और उमंग से सराबोर प्रस्तुतियों के बीच मेला परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री हाजी उस्मानी एवं विशिष्ट अतिथि रिजवान रशीद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक आयोजन के साथ सामाजिक योगदान और जनसेवा की भावना को भी सम्मान मिला। समारोह में गुफरान खान (महराजनगर), गुड्डू भाई (हाथीपुर कोठार), भोले शंकर, के.पी. वर्मा, महेश नाथ, पवन वर्मा, राम रमेश और विनय कुमार मिश्रा को विशिष्ट सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों एवं गणमान्य नागरिकों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐतिहासिक दशहरा मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लखीमपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। 

ऐसे आयोजन विविध संस्कृतियों को एक मंच पर लाकर दिलों को जोड़ने और सद्भाव का संदेश प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नगर पालिका परिषद का यह सांस्कृतिक महोत्सव हर दिन नए रंगों और नई उमंग के साथ नगरवासियों को आकर्षित कर रहा है। जवाबी कव्वाली की यह संध्या संगीत, सम्मान और सामाजिक एकता की अविस्मरणीय छाप छोड़ गई।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Post Comments