🔘 सृजन पुस्तकालय ने मेधावी जरूरतमंद बच्चों के भविष्य में भरी उम्मीद की रोशनी
बिसवां (सीतापुर)। जब समाज का एक हिस्सा शिक्षा को अपना धर्म और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को अपना संकल्प बना ले, तब बदलाव केवल शब्दों में नहीं, बल्कि जीवन में दिखाई देता है। इसी प्रेरक भावना को साकार करते हुए अखिल भारतीय 'साहित्य सृजन संस्थान' ने बिसवां स्थित 'सृजन पुस्तकालय' में जरूरतमंद एवं मेधावी छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें, स्टेशनरी और स्कूल बैग वितरित कर शिक्षा के प्रति अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता का सशक्त परिचय दिया।
तहसील रोड स्थित सृजन पुस्तकालय में आयोजित इस प्रेरणादायी कार्यक्रम में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगरपालिका चेयरमैन पुष्पू जायसवाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संस्थान की ओर से उन्हें अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
समाजसेवी गिरिधर अग्रवाल एवं सौरभ बंसल ने कृष्णा देवी गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं को पाठ्यक्रम की पुस्तकें, स्टेशनरी और स्कूल बैग प्रदान किए। वहीं, कई अन्य जरूरतमंद विद्यार्थियों तक उनकी स्कूल किट सीधे उनके विद्यालयों के माध्यम से भी पहुंचाई गई, जिससे कोई भी प्रतिभा संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए।
अपने संबोधन में चेयरमैन पुष्पू जायसवाल ने कहा कि "पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक धरोहर और ज्ञान का केंद्र होते हैं। सृजन पुस्तकालय का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित और संस्कारित बनाने की दिशा में अत्यंत सराहनीय है। संस्थान को हमारा हर संभव सहयोग सदैव मिलता रहेगा।" संस्थान के संस्थापक एवं अध्यक्ष, साहित्यकार संदीप मिश्र 'सरस' ने कहा कि संस्था प्रतिवर्ष मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निःशुल्क स्कूल बुक किट उपलब्ध कराती है। उनका विश्वास है कि आज जिन बच्चों के हाथों में पुस्तकें सौंपी जा रही हैं, वही कल अपनी प्रतिभा और परिश्रम से बिसवां ही नहीं, पूरे देश का नाम रोशन करेंगे।
यही संस्थान के सेवा-संकल्प की सबसे बड़ी सफलता होगी। कार्यक्रम में कृष्णा देवी गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य लक्ष्मी देवी, उपप्रधानाचार्य उषा मिश्रा, गंगा स्वरूप मिश्र, अधिवक्ता मनोज गुप्ता, श्रीकांत मिश्रा, सभासद नीरज मिश्रा, हरिशंकर त्रिवेदी, मुकुंद पांडेय, अमन बाजपेई सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं विद्यार्थियों के अभिभावक उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि सृजन पुस्तकालय में साहित्य, इतिहास, विज्ञान, दर्शन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की समृद्ध पुस्तकों का विशाल संग्रह उपलब्ध है। यहां प्रत्येक वर्ष शोधार्थी अध्ययन सामग्री का लाभ उठाकर अपने शोध कार्य पूर्ण करते हैं।
पुस्तकालय समय-समय पर विद्यार्थियों को विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों में प्रवेश, शुल्क रियायत, करियर काउंसलिंग, मोटिवेशनल क्लासेस तथा अब कंप्यूटर प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करा रहा है। यह पहल केवल पुस्तक वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन सपनों को संबल देने का अभियान है जो आर्थिक अभाव के कारण अक्सर अधूरे रह जाते हैं। सृजन पुस्तकालय का यह प्रयास समाज को यह संदेश देता है कि जब शिक्षा के दीप जलते हैं, तभी भविष्य उज्ज्वल होता है और राष्ट्र सशक्त बनता है।
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