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शनिवार, 9 मई 2026

Lmp. विश्व रेडक्रॉस दिवस पर अग्नि पीड़ितों का सहारा बनी रेडक्रॉस खीरी

🔘 जंगलों की पगडंडियों से मानवता की डगर तक पहुँची राहत, नम आँखों ने किया स्वागत

लखीमपुर। विश्व रेडक्रॉस दिवस पर मानवता, सेवा और संवेदना का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए रेडक्रॉस खीरी ने बिजुआ ब्लॉक के सुदूरवर्ती अग्निपीड़ित गांव कांप टाडा एवं अमरपुर में राहत और स्वास्थ्य सेवाओं की ज्योति पहुंचाकर पीड़ित परिवारों के जीवन में आशा का संचार किया। यह केवल राहत वितरण का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि पीड़ा से कराहते मानव जीवन के बीच संवेदनाओं की वह यात्रा थी, जिसने विश्व रेडक्रॉस दिवस को वास्तविक अर्थों में मानवता का पर्व बना दिया।

लखीमपुर स्थित पी.के. इंटर कॉलेज मैदान में रेडक्रॉस सेवियों के एकत्रीकरण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।  रेडक्रॉस के संस्थापक जीन हेनरी ड्यूनांट के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके मानवतावादी व्यक्तित्व और सेवा दर्शन को स्मरण किया गया। 

इसके उपरांत रेडक्रॉस खीरी के सभापति डॉ. रवींद्र शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर राहत सामग्री से भरी बस को अग्नि प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना किया। उत्तर प्रदेश रेडक्रॉस के सभापति एवं उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, महासचिव रामानंद कटियार, उपसभापति अमरनाथ मिश्रा तथा कोषाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन में आयोजित इस मानवीय अभियान का नेतृत्व डॉ. रवींद्र शर्मा एवं डॉ. रवींद्र नाथ ने किया। किशनपुर सेंचुरी के जंगलों और दुर्गम कच्चे रास्तों को पार करती हुई रेडक्रॉस टीम जब गांव कांप टाडा पहुँची, तो वहाँ का दृश्य हर किसी की आँखें नम कर गया। वर्षों बाद किसी संगठित सहायता को अपने द्वार तक पहुँचता देख पीड़ित ग्रामीणों ने भावुक होकर टीम का स्वागत किया। यह वही गांव है जहाँ आजादी के दशकों बाद भी बिजली, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएँ नहीं पहुँच सकीं, और हालिया भीषण अग्निकांड ने 59 परिवारों का आशियाना पूरी तरह राख में बदल दिया। वहीं अमरपुर गांव में भी 119 घर आग की भेंट चढ़ गए। रेडक्रॉस टीम ने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित करने के साथ-साथ स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर भी आयोजित किया।

 डॉ. रवींद्र शर्मा की देखरेख में ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें निःशुल्क दवाइयाँ एवं चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। शिविर के दौरान लोगों को आग से बचाव, हीट वेव से सुरक्षा और रेडक्रॉस के मानवीय सिद्धांतों के प्रति जागरूक भी किया गया। इनोकुअस फार्मास्यूटिकल्स एवं पीनेक्स्टवन फार्मास्यूटिकल्स द्वारा स्वास्थ्यवर्धक दवाइयों का सहयोग प्रदान किया गया। डॉ. रवींद्र नाथ ने उपस्थित जनसमुदाय को जीन हेनरी ड्यूनांट के जीवन, रेडक्रॉस की स्थापना और उसके सात मूल सिद्धांतों की विस्तृत जानकारी दी। 

रेडक्रॉस खीरी की सचिव आरती श्रीवास्तव ने बताया कि कांप टाडा जनपद मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र में स्थित अत्यंत पिछड़ा गांव है, जहाँ मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने कहा कि समाज के निर्बल और आपदा पीड़ित वर्ग तक सहायता पहुँचाना ही रेडक्रॉस का प्रथम दायित्व है और संस्था आगे भी इन परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। इस सेवा अभियान में ऋषभ त्यागी, सतीश त्रिवेदी, पवन जायसवाल, पंडित नागेंद्र प्रताप शुक्ला, शिव धीरज जायसवाल, रामनिवास मिश्रा, अतीश त्रिवेदी और पुष्पेंद्र कुमार का विशेष सहयोग रहा। इनर व्हील क्लब ऑफ लखीमपुर नवदिशा द्वारा पीड़ित परिवारों के लिए वस्त्र एवं उपयोगी घरेलू सामग्री उपलब्ध कराई गई, जबकि दीपक धवन, नारायण सेठ, रमेश चंद्र गुप्ता और जोगेंद्र छाबड़ा ने खाद्य सामग्री, झालमुड़ी, बिस्किट और टॉफियाँ भेंट कर सेवा अभियान को सहयोग दिया।

कार्यक्रम में डॉ. रवींद्र शर्मा, डॉ. रवींद्र नाथ, आरती श्रीवास्तव, शशांक शुक्ला, दीपक धवन, बबिता सक्सेना, सतीश त्रिवेदी, पवन जायसवाल, शिव धीरज जायसवाल, अनुराग सक्सेना, नारायण सेठ, रमेश चंद्र गुप्ता, जोगेंद्र छाबड़ा, सुनीता सिंह, अमरनाथ शुक्ला, छाया त्रिवेदी, अनिल श्रीवास्तव, हीरांगिनी, बबलू श्रीवास्तव सहित इनर व्हील क्लब की अध्यक्ष दीपाली गुप्ता, कुमकुम गुप्ता, मीनू एवं नूतन सिंह समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विश्व रेडक्रॉस दिवस पर यह अभियान केवल सहायता वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह संदेश देकर गया कि जब संवेदनाएँ संगठित होती हैं, तब मानवता हर कठिन रास्ते को पार कर पीड़ितों के जीवन में उम्मीद का दीप जला देती है।

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