🔘 नन्हे कदमों ने जाना जनसेवा का संसार, नगर पालिका पहुंची टिया ने सीखे प्रशासन के संस्कार
लखीमपुर। कभी-कभी मासूम जिज्ञासाएं भविष्य के बड़े सपनों की नींव रख देती हैं। ऐसा ही एक मनमोहक और प्रेरणादायी दृश्य उस समय देखने को मिला, जब नगर पालिका परिषद लखीमपुर की अध्यक्षा डॉ. इरा श्रीवास्तव की ग्रैंड डॉटर नन्हीं टिया नगर पालिका कार्यालय पहुंचीं।
बाल सुलभ उत्सुकता से भरी टिया ने वहां पहुंचकर यह जानने की इच्छा जताई कि आखिर नगर पालिका में जनहित के कार्य किस प्रकार किए जाते हैं, शहर की व्यवस्थाएं कैसे संचालित होती हैं और लोगों की समस्याओं का समाधान कैसे होता है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार ने भी अत्यंत धैर्य, स्नेह और आत्मीयता के साथ टिया को कार्यालय की कार्यप्रणाली समझाई। उन्होंने बताया कि नगर की स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, सड़क निर्माण और नागरिक सुविधाओं से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्य नगर पालिका के माध्यम से संचालित किए जाते हैं। नन्हीं टिया पूरे मनोयोग से हर बात को सुनती रहीं। उनकी आंखों में उत्सुकता थी, चेहरे पर मुस्कान और मन में समाज को समझने की सुंदर जिज्ञासा। कार्यालय में उपस्थित कर्मचारियों के लिए भी यह पल बेहद भावुक और प्रेरणादायी बन गया। यह दृश्य केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं था, बल्कि नई पीढ़ी को प्रशासन, जिम्मेदारी और जनसेवा के मूल्यों से जोड़ने का सुंदर संदेश भी था।
आज जब बच्चे डिजिटल दुनिया में सीमित होते जा रहे हैं, ऐसे अनुभव उन्हें समाज और व्यवस्था की वास्तविकताओं से परिचित कराते हैं। नगरवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि बचपन से ही बच्चों में समाज और सेवा के संस्कार विकसित किए जाएं, तो आने वाला कल अधिक संवेदनशील, जिम्मेदार और जागरूक बनेगा। नन्हीं टिया की यह जिज्ञासा मानो यह संदेश दे गई कि "जनसेवा की समझ उम्र नहीं, संवेदनाओं से शुरू होती है।"
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