नगर के मोहल्ला संकटा देवी में बंदरों का आतंक अब केवल परेशानी नहीं, बल्कि भय और असुरक्षा का गंभीर कारण बनता जा रहा है। आए दिन बच्चों, महिलाओं और राहगीरों पर हमले की घटनाएं लोगों की जिंदगी को दहशत में ढकेल रही हैं। आज बुधवार को एक और मासूम बंदरों के हमले का शिकार हो गया, जिसके बाद पूरे इलाके में आक्रोश और भय का माहौल है।
बताया जा रहा है कि पवन गुप्ता ब्लॉक प्रमुख वाली गली में स्कूल से अपनी दादी के साथ घर लौट रहा मासूम अचानक बंदर के हमले का शिकार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बंदर ने झपट्टा मारते हुए बच्चे के दाहिने हाथ को बुरी तरह काट लिया। जब तक आसपास के लोग शोर सुनकर बचाने दौड़े, तब तक बंदर अपने दो गहरे दांत बच्चे के हाथ में गड़ा चुका था। खून से लथपथ मासूम दर्द और डर से चीख उठा और मौके पर मौजूद लोग बेबस नजर आए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले भी एक बच्ची को बंदरों ने दौड़ाकर काट लिया था। अब हालात ऐसे हो चुके हैं कि मोहल्ले की गलियों से बिना डंडा लिए गुजरना खतरे से खाली नहीं। सुबह की सैर पर निकलने वाले बुजुर्ग हों, स्कूल जाने वाले बच्चे हों या नौकरी-पेशा लोग, हर कोई बंदरों के डर में जी रहा है।
लोगों का कहना है कि बंदरों का झुंड गलियों, छतों और पेड़ों पर चौबीसों घंटे कब्जा जमाए रहता है। राह चलते लोगों से खाद्य सामग्री छीन लेना, महिलाओं और बच्चों को दौड़ाना, कपड़े और सामान उठा ले जाना तथा काट लेना अब आम घटनाएं बन चुकी हैं। कई बार तो लोग दूसरों को सुरक्षित रास्ता पार कराने के लिए हाथ में डंडा लेकर खड़े दिखाई देते हैं।
नगर के कई हिस्सों में बंदरों की समस्या गंभीर बनी हुई है, लेकिन मोहल्ला संकटा देवी, बाजार क्षेत्र और मिश्राना में स्थिति सबसे अधिक भयावह बताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने शासन-प्रशासन, वन विभाग और नगर पालिका परिषद से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बंदरों के आतंक पर नियंत्रण नहीं किया गया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
नगरवासियों ने चेतावनी दी है कि अब यह समस्या केवल असुविधा नहीं, बल्कि जनसुरक्षा से जुड़ा बड़ा संकट बन चुकी है।
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