🔘 जिला पर्यावरण समिति में स्थान पाकर हरित चिंतन के प्रहरी बने संजीव सक्सेना
सीतापुर। जनपद के सामाजिक सरोकारों से जुड़े जागरूक एवं कर्मनिष्ठ व्यक्तित्व संजीव सक्सेना को उत्तर प्रदेश शासन द्वारा ‘जिला पर्यावरण समिति’ (वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन) में सदस्य के रूप में नामित किया जाना गौरव का विषय बन गया है। यह मनोनयन न केवल उनके वर्षों के समर्पित सामाजिक योगदान का सम्मान है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता की सार्वजनिक स्वीकृति भी है।
श्री सक्सेना, जो उत्तर प्रदेश सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी रहे हैं, सेवा निवृत्ति के पश्चात भी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से विमुख नहीं हुए। उन्होंने विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, समूहों एवं संगठनों के साथ प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़कर जनजागरण, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण की अलख निरंतर जगाई है। पर्यावरण के प्रति उनका प्रेम कोई औपचारिक दायित्व नहीं, बल्कि जीवन का स्वाभाविक संस्कार है। वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, जल संरक्षण की पहल और जनसंवाद के माध्यम से वे समाज को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने का सतत प्रयास करते रहे हैं। सामाजिक चेतना के साथ-साथ वे ‘कायस्थ एकता, विकास एवं भगवान चित्रगुप्त’ की महिमा के प्रसार में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके व्यक्तित्व में परंपरा और प्रगतिशील सोच का सुंदर समन्वय दिखाई देता है जहां संस्कृति का सम्मान है, वहीं समाज के समग्र विकास की स्पष्ट दृष्टि भी।
उनके इस मनोनयन से समाज में हर्ष की लहर दौड़ गई है। फोन कॉल्स और सोशल मीडिया के विविध मंचों पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है। शुभचिंतकों का मानना है कि श्री सक्सेना के अनुभव, संवेदनशीलता और कार्यनिष्ठा से जिला पर्यावरण समिति को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी। निस्संदेह, यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उन सभी सामाजिक प्रयासों का है जो निस्वार्थ भाव से समाज और प्रकृति के संरक्षण के लिए किए जाते हैं। श्री संजीव सक्सेना का यह मनोनयन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और पर्यावरण संरक्षण के पथ पर जनपद को नई गति प्रदान करेगा।
इसके अलावा जनपद में दो और मनोनयन हुए हैं।
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