🔘 झोलाछाप इलाज पर प्रशासन का शिकंजा, शिकायत पर मेडिकल स्टोर सील, डीएलए की सख्त कार्यवाही
लखीमपुर खीरी। स्वास्थ्य के नाम पर खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध आखिरकार प्रशासन का डंडा चला। खीरी रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर, जहाँ दवा की आड़ में कथित रूप से झोलाछाप प्रैक्टिस की जा रही थी, उसे औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (डीएलए) ने अग्रिम आदेश तक सील कर दिया है।
काशी नगर निवासी एक युवती ने आरोप लगाया कि वह सामान्य उपचार के लिए उक्त मेडिकल स्टोर पर गई थी, जहाँ दुकानदार ने चिकित्सकीय योग्यता के बिना ही उसे इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगते ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। जब उसने इसका विरोध किया और शिकायत की बात कही, तो उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
अपमान और पीड़ा से व्यथित युवती ने न्याय की आस में IGRS (एकीकृत जन शिकायत निवारण प्रणाली) का सहारा लिया। शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए डीएलए ने जांच प्रारंभ की और प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर पाए जाने पर मेडिकल स्टोर को अग्रिम कार्यवाही तक बंद रखने का आदेश जारी कर दिया। यह कार्यवाही केवल एक दुकान पर ताला लगाने की घटना नहीं, बल्कि उन असंख्य मरीजों के लिए एक संदेश है जो अनजाने में ऐसे झोलाछाप इलाज का शिकार हो जाते हैं। स्वास्थ्य सेवा एक पवित्र दायित्व है, न कि प्रयोगशाला। बिना डिग्री और बिना अधिकार इलाज करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि मानव जीवन के साथ खिलवाड़ भी है। प्रशासन की इस सख्ती से क्षेत्र में हड़कंप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसी कार्यवाही न हो, तो न जाने कितनी जिंदगियां खतरे में पड़ सकती हैं। यह घटना समाज को भी सजग रहने का संदेश देती है इलाज हमेशा प्रमाणित चिकित्सक से ही कराएं, क्योंकि जीवन अनमोल है और लापरवाही की कीमत बहुत भारी पड़ सकती है।
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