एनआईटीटीटीआर, चंडीगढ़ में राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य उद्घाटन
एनईपी 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
चंडीगढ़: 7–8 फरवरी, 2026 को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “एनईपी 2020 क्रियान्वयन यात्रा: भविष्य की दिशा हेतु सतत मार्गों का निर्माण” का शुभारंभ 7 फरवरी 2026 को एनआईटीटीटीआर, चंडीगढ़ में किया गया। यह संगोष्ठी एबीआरएसएम राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी शिक्षक मंच (एबीआरएसएम–एनआईटीटीएफ) के सहयोग से आयोजित की गई, जो कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) की एक इकाई है।
इस अवसर पर प्रो. नारायण लाल जी गुप्ता, अध्यक्ष, एबीआरएसएम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे तथा उन्होंने उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में श्री महेंद्र कपूर जी (राष्ट्रीय संगठन मंत्री, एबीआरएसएम), श्री गुंथा लक्ष्मण जी (राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री, एबीआरएसएम), प्रो. एम.के. श्रीमाली (संयोजक, एबीआरएसएम–एनआईटीटीएफ), प्रो. राजेश्वर सिंह बंस्तु (सह-संयोजक, एबीआरएसएम–एनआईटीटीएफ) तथा प्रो. बिनोद कनौजिया, निदेशक, डॉ. बी.आर. आंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जालंधर सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
देश के विभिन्न राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों एवं अन्य केंद्रीय वित्तपोषित संस्थानों से लगभग 40 संकाय सदस्यों ने इस संगोष्ठी में सहभागिता की।
प्रो. बी.आर. गुर्जर, निदेशक, एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने तकनीकी शिक्षा में डिजिटल व उभरती प्रौद्योगिकियों, नवाचार आधारित मूल्यांकन एवं परीक्षा प्रणालियों, तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं में नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उन्होंने एनईपी 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सहयोगात्मक प्रयासों की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
अपने संबोधन में प्रो. नारायण लाल जी गुप्ता ने कहा कि एनईपी 2020, 21वीं सदी की आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु एक दूरदर्शी नीति है। उन्होंने इंजीनियरिंग एवं तकनीकी शिक्षा को मानविकी और सामाजिक विज्ञानों के साथ समन्वयित करने की आवश्यकता को नीति और व्यवहार दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण बताया। साथ ही उन्होंने शैक्षणिक स्थिरता, संस्थागत स्थिरता तथा राष्ट्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर भी विस्तृत विचार प्रस्तुत किए।
यह दो दिवसीय संगोष्ठी एक सक्रिय शैक्षणिक मंच के रूप में कार्य करेगी, जहाँ राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों एवं अन्य केंद्रीय वित्तपोषित संस्थानों के नेतृत्वकर्ता एवं शिक्षक एनईपी 2020 के क्रियान्वयन से जुड़े अनुभवों, नवाचारों एवं श्रेष्ठ प्रथाओं को साझा करेंगे।
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