लखीमपुर खीरी, 07 फरवरी। जब प्रशासन स्वयं ज़मीन पर उतरकर व्यवस्थाओं की नब्ज़ टटोलता है, तब व्यवस्था में सुधार केवल निर्देश नहीं, बल्कि अनुशासन बन जाता है। शनिवार को जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के साथ तहसील मितौली का औचक निरीक्षण कर राजस्व और न्यायिक व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार न्यायालयों का अवलोकन किया। उन्होंने न्यायालयों की अलमारियाँ स्वयं खुलवाकर अभिलेखों की स्थिति देखी और दस्तावेजों के सुव्यवस्थित, सुरक्षित व क्रमबद्ध रख-रखाव के स्पष्ट निर्देश दिए। डीएम का यह संदेश स्पष्ट था कि अभिलेख केवल काग़ज़ नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों का इतिहास होते हैं।
रिकॉर्ड रूम से अभिलेखागार तक पैनी नज़र
डीएम ने रिकॉर्ड रूम, भूलेख एवं संग्रह अनुभाग, राजस्व निरीक्षक कार्यालय, नजारत अनुभाग और अभिलेखागार का निरीक्षण किया। अभिलेखागार में कॉम्पैक्टर खुलवाकर पुराने दस्तावेजों की बारीकी से जाँच की गई। ग्राम किशनपुर की पूर्व षष्ठवार्षिक खतौनी एवं 1359 फसली खसरे का अवलोकन करते हुए डीएम ने इनके संरक्षण और वैज्ञानिक ढंग से रख-रखाव के निर्देश दिए, ताकि पीढ़ियों की भूमि से जुड़ा इतिहास सुरक्षित रह सके।
जनसुविधाएँ भी कसौटी पर
तहसील परिसर भ्रमण के दौरान डीएम ने आमजन के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की भी जाँच की। वेटिंग बेंच, पेयजल, साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था तथा पुरुष एवं महिला संसाधन कक्षों की क्रियाशीलता परखी गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील में आने वाला प्रत्येक नागरिक सम्मान और सुविधा का अनुभव लेकर लौटे। निरीक्षण के दौरान एसडीएम मधुसूदन गुप्ता एवं प्रभारी तहसीलदार दिनेश कुमार उपस्थित रहे।
धौरहरा तहसील में एडीएम सख़्त, अभिलेखों की अव्यवस्था पर जताई नाराज़गी
शनिवार को अपर जिलाधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह ने तहसील धौरहरा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में अभिलेखों का रख-रखाव संतोषजनक नहीं पाया गया। कई दस्तावेजों पर धूल जमी मिली, जिस पर एडीएम ने नाराज़गी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान आरके राजीव का कार्य अपेक्षित स्तर का नहीं पाया गया, जिस पर उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसडीएम कार्यालय के पेशकार के नए होने पर उन्हें समुचित प्रशिक्षण दिलाने तथा तहसीलदार पेशकार को भी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। एडीएम ने तहसील भवन की रंगाई-पुताई, विद्युत व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता जताई।
पलिया तहसील में एडीएम न्यायिक का निरीक्षण, अभिलेखों की गहन समीक्षा
इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी न्यायिक अनिल कुमार रस्तोगी ने तहसील पलिया का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने संग्रह अनुभाग, रजिस्ट्रार अनुभाग, नजारत, राजस्व लिपिक पटल सहित एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार न्यायालयों का अवलोकन किया। अभिलेखों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम डॉ. अवनीश कुमार, तहसीलदार ज्योति वर्मा, नायब तहसीलदार एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, तहसीलों में हुआ यह औचक निरीक्षण स्पष्ट संकेत है कि अब लापरवाही के लिए कोई स्थान नहीं। अभिलेखों की शुचिता, जनसुविधाओं की संवेदनशीलता और कार्यप्रणाली की पारदर्शिता—यही सुशासन की असली पहचान है।
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