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शनिवार, 31 जनवरी 2026

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश: हर स्कूल में लड़कियों को मुफ्त सैनेटरी पैड और डिसेबल फ्रेंडली सुविधाएं अनिवार्य

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश: हर स्कूल में लड़कियों को मुफ्त सैनेटरी पैड और डिसेबल फ्रेंडली सुविधाएं अनिवार्य

नई दिल्ली, 31 जनवरी 2026: देश के स्कूलों में आज से शिक्षा और स्वच्छता का नया अध्याय शुरू हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ऐतिहासिक आदेश जारी किया कि देश के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में लड़कियों को फ्री सैनेटरी पैड वितरित करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही लड़कों और लड़कियों के लिए अलग वॉशरूम और दिव्यांगों के लिए डिसेबल फ्रेंडली टॉयलेट की व्यवस्था करना भी हर स्कूल के लिए अनिवार्य होगा। जो स्कूल इस आदेश का पालन नहीं करेंगे, उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। यह फैसला चार साल की लंबी सुनवाई के बाद आया, जिसमें सोशल वर्कर जया ठाकुर ने 2022 में जनहित याचिका दायर कर देशभर में मासिक धर्म स्वच्छता नीति लागू करने की मांग की थी। न्यायालय ने उनकी आवाज को गंभीरता से लिया और इसे शिक्षा और स्वास्थ्य के अधिकार के साथ जोड़ा।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि यह सुरक्षित, स्वच्छ और समावेशी वातावरण प्रदान करने का माध्यम भी है। अब हर स्कूल में छात्राओं की गरिमा और दिव्यांगों की सुविधा सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा, जिससे देशभर के बच्चों के लिए शिक्षा का अनुभव अधिक संवेदनशील और सम्मानजनक बनेगा। एक नई सुबह, जहां शिक्षा के साथ स्वच्छता और समानता भी अनिवार्य होगी।

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