₹916.7 करोड़ की अंबाला–कैथल एनएच-65 फोर लेन से हरियाणा में संपर्क और विकास को बढ़ावा
चंडीगढ़, 10 जनवरी 2026: एनएच-65 के अंबाला–कैथल खंड का चार लेन में उन्नयन, हरियाणा राज्य में क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करने और आर्थिक गतिविधियों को समर्थन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना परियोजना है। यह परियोजना कुल 95.360 किलोमीटर लंबाई में फैली हुई है तथा इसे दो पैकेजों में क्रियान्वित किया गया—पैकेज-I, किलोमीटर 0.000 (अंबाला) से किलोमीटर 50.860 (पेहोवा) तक, तथा पैकेज-II, किलोमीटर 50.860 (पेहोवा) से किलोमीटर 95.360 (कैथल) तक। दोनों पैकेज हरियाणा राज्य के अंतर्गत स्थित हैं।
इस परियोजना की शुरुआत 18.12.2015 को कुल स्वीकृत लागत ₹916.7 करोड़ के साथ की गई। परियोजना के अंतर्गत लगभग 653 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया तथा लगभग 116 हेक्टेयर वन भूमि का विचलन किया गया। उन्नत राजमार्ग से अंबाला जिले की लगभग 11.28 लाख तथा कैथल जिले की लगभग 10.74 लाख आबादी लाभान्वित हो रही है। इस खंड पर औसतन प्रतिदिन लगभग 25,843 पीसीयू (PCUs) यातायात दर्ज किया गया है। यह राजमार्ग लगभग ₹25,000 करोड़ मूल्य के व्यापारिक आवागमन को सुगम बनाता है, जो क्षेत्रीय व्यापार और लॉजिस्टिक्स में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान भूमि अधिग्रहण, वन एवं पर्यावरण स्वीकृतियाँ, विद्युत एवं उपयोगिता सेवाओं की मंज़ूरी, ईंधन से संबंधित मुद्दे तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े कुल सात प्रमुख मुद्दे सामने आए। संबंधित हितधारकों के समन्वित प्रयासों से इन सभी मुद्दों का चरणबद्ध तरीके से समाधान किया गया।
भूमि अधिग्रहण से संबंधित चुनौती प्रमुख रही। कुल 653 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता में से लगभग 67 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हरियाणा सरकार के स्तर पर लंबित था। इस विषय को 26.12.2018 को पीएमजी (PMG) पोर्टल पर उठाया गया तथा डीपीआईआईटी (DPIIT) स्तर पर पीएमजी की दो विशेष समीक्षा बैठकों में इस पर विचार किया गया। राज्य सरकार के साथ निरंतर समन्वय, सतत निगरानी और सक्रिय सहभागिता के माध्यम से यह भूमि अधिग्रहण संबंधी मुद्दा 31.05.2019 तक पूर्ण रूप से सुलझा लिया गया। भूमि अधिग्रहण सहित अन्य समस्याओं के समाधान के पश्चात परियोजना के क्रियान्वयन में तेज़ी आई और कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई।
इस परियोजना की समीक्षा 26.09.2018 को प्रगति (PRAGATI) तंत्र के अंतर्गत की गई, उस समय भौतिक प्रगति लगभग 53 प्रतिशत थी। समीक्षा के पश्चात केंद्र एवं राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और सतत निगरानी के परिणामस्वरूप कार्यों के निष्पादन में गति आई और परियोजना 13.12.2019 को 100 प्रतिशत भौतिक प्रगति के साथ सफलतापूर्वक पूर्ण एवं चालू की गई।
भौतिक और आर्थिक प्रभावों से परे, यह परियोजना माननीय प्रधानमंत्री की हरियाणा के इस क्षेत्र के विकास के प्रति गहरी प्रतिबद्धता और जनता के साथ उनके भावनात्मक जुड़ाव को भी दर्शाती है। अंबाला–कैथल चार लेन परियोजना का समयबद्ध पूर्ण होना अवसंरचना आधारित विकास, जीवन की गुणवत्ता में सुधार और संतुलित क्षेत्रीय विकास की उनकी व्यापक दृष्टि के अनुरूप है, जिससे आधुनिक राजमार्गों की समृद्धि और समावेशी विकास के उत्प्रेरक के रूप में भूमिका और सुदृढ़ होती है।
एनएच-65 के अंबाला–कैथल खंड के चार लेन में उन्नयन से क्षेत्र में यात्रा दक्षता, सड़क सुरक्षा तथा माल परिवहन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यातायात भीड़ में कमी, यात्रा गति में वृद्धि और परिवहन की विश्वसनीयता बढ़ने से बाज़ारों, रोज़गार केंद्रों और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच सुदृढ़ हुई है, जिससे हरियाणा के इस भाग में सतत सामाजिक-आर्थिक विकास को बल मिला है।
आर्थिक और लॉजिस्टिक प्रभावों से आगे, यह परियोजना हरियाणा के विकास तथा अधिक यातायात और वाणिज्यिक महत्व वाले क्षेत्रों में अवसंरचना मानकों को सुदृढ़ करने के प्रधानमंत्री के संकल्प को प्रतिबिंबित करती है। इस परियोजना की सफल पूर्णता, संतुलित क्षेत्रीय विकास और आधुनिक, सुदृढ़ परिवहन अवसंरचना को समावेशी विकास की आधारशिला बनाने की भारत सरकार की व्यापक दृष्टि को और मजबूत करती है।
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