🔘 नितिन नवीन के दायित्व ग्रहण पर हर्ष की लहर, ABKM ने किया अभिनंदन, जताया केंद्रीय नेतृत्व एवं चयन कमेटी का आभार
दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कुशल संगठनकर्ता श्री नितिन नवीन की नियुक्ति ने देशभर के भाजपा कार्यकर्ताओं के मन में उत्साह, विश्वास और नवसंकल्प का संचार कर दिया है। दायित्व ग्रहण के साथ ही बधाइयों और शुभकामनाओं का जो सिलसिला प्रारंभ हुआ, वह निरंतर आगे बढ़ता जा रहा है।
इसी क्रम में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के एक गरिमामय प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा के केंद्रीय कार्यालय पहुंचकर श्री नवीन को नवीन दायित्व के लिए आत्मीय शुभकामनाएं एवं अभिनंदन अर्पित किया। यह अवसर केवल औपचारिक भेंट का नहीं, बल्कि संगठनात्मक एकता, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण के साझा संकल्प का प्रतीक बन गया। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय प्रधान आयुक्त (आईआरएस) डॉ. अनूप श्रीवास्तव ने इस अवसर पर कहा कि श्री नितिन नवीन न केवल भाजपा के सशक्त स्तंभ हैं, बल्कि अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संरक्षक के रूप में भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री नवीन की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता, संगठनात्मक सूझबूझ और कर्मठता के बल पर भाजपा भविष्य में और अधिक सशक्त, लोकप्रिय एवं जनमानस के हृदय में गहराई तक स्थापित राजनीतिक दल के रूप में उभरेगी।
इस बीच डॉ. श्रीवास्तव ने यह भी जानकारी दी कि आगामी 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद एवं महर्षि महेश योगी की जन्म जयंती को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा लखनऊ में अत्यंत भव्य, दिव्य और प्रेरणादायी उत्सव के रूप में मनाया जाएगा, जिसकी तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। इस अभिनंदन एवं स्वागत कार्यक्रम में महासभा के राष्ट्रीय संरक्षक एड. धीरेन्द्र प्रताप श्रीवास्तव, कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व ब्रिगेडियर अनिल श्रीवास्तव, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की पुत्रवधू श्रीमती नीरा शास्त्री, राष्ट्रीय महासचिव बाबी सक्सेना सहित अनेक विशिष्ट एवं गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित रहे। सभी ने श्री नितिन नवीन को नवीन दायित्व की हार्दिक बधाई देते हुए उन्हें ऊर्जा, उत्साह और संकल्प से ओतप्रोत किया। कार्यक्रम के अंत में महासभा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व एवं चयन समिति के प्रति आभार प्रकट करते हुए इसे संगठनात्मक दूरदर्शिता और राष्ट्रहित में लिया गया सार्थक निर्णय बताया। यह आयोजन न केवल एक व्यक्ति के अभिनंदन का क्षण था, बल्कि यह संगठन, समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का जीवंत प्रमाण भी बना।
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