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बुधवार, 21 जनवरी 2026

संगम नगरी : बसंत पंचमी स्नान के मद्देनजर बनी माघ मेला 2026 की सुरक्षित रूपरेखा

🔘 बसंत पंचमी स्नान के मद्देनजर बनी माघ मेला 2026 की सुरक्षित रूपरेखा

जनजागरण डेस्क, प्रयागराज। तीर्थराज प्रयागराज की पावन धरती पर आस्था के महासमागम माघ मेला 2026 को सकुशल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराने के लिए पुलिस एवं प्रशासन ने कमर कस ली है। आगामी बसंत पंचमी (23 जनवरी), अचला सप्तमी (25 जनवरी) और गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के दृष्टिगत रिजर्व पुलिस लाइन, माघ मेला स्थित तीर्थराज सभागार में पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट प्रयागराज की अध्यक्षता में पुलिस बल एवं फील्ड अधिकारियों की व्यापक ब्रीफिंग आयोजित की गई। यह ब्रीफिंग केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि अनुशासन, संवेदनशीलता और जनसेवा के साझा संकल्प की पुनः पुष्टि थी। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक, माघ मेला नीरज कुमार पाण्डेय द्वारा मौनी अमावस्या स्नान पर्व को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराए जाने पर समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार और सराहना के साथ हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौनी अमावस्या जैसी ही अनुशासित, समन्वित और तत्पर कार्यशैली आगामी पर्वों पर भी अपनाई जाएगी। उन्होंने चेताया कि 23 से 26 जनवरी तक लगातार भीड़ दबाव बने रहने की प्रबल संभावना है, अतः सभी घाटों एवं मार्गों पर भीड़ प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। बसंत पंचमी पर स्थानीय श्रद्धालुओं की अधिक उपस्थिति और सप्ताहांत के कारण बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. अजय पाल शर्मा ने ब्रीफिंग के दौरान कहा कि मौनी अमावस्या पर पुलिस बल ने जिस समर्पण और कार्यकुशलता का परिचय दिया, वही मानक आगामी पर्वों पर भी बनाए रखना होगा। उन्होंने अनुभवों के आधार पर चिन्हित कमियों को तत्काल दूर करने, गाटा मार्ग पर प्रभावी बैरियर व्यवस्था, घाटों से निकासी की गति बढ़ाने तथा श्रद्धालुओं को मार्ग अवरुद्ध करने से रोकने के निर्देश दिए। भीड़ प्रबंधन को और सशक्त बनाने हेतु गंगामूर्ति क्षेत्र में ड्रोन तैनाती तथा संगम क्षेत्र में अतिरिक्त बैरियर एवं कंट्रोल पॉइंट्स बढ़ाने पर बल दिया गया। अपने प्रेरक संबोधन में पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट प्रयागराज जोगेन्द्र कुमार ने कहा कि मौनी अमावस्या के दौरान अत्यधिक भीड़ दबाव के बावजूद पुलिस और प्रशासन की संयुक्त रणनीति से मेला सुचारु रूप से संचालित हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी पर्वों पर भीड़ भले ही मौनी अमावस्या से कम हो, परंतु इसे रूटीन ड्यूटी नहीं, बल्कि उच्च सतर्कता और उच्च संवेदनशीलता के साथ संचालित किया जाना चाहिए। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं द्वारा निजी वाहनों से मेला क्षेत्र के समीप आने की प्रवृत्ति को देखते हुए आज रात्रि से ही सघन अभियान चलाकर वाहनों को बाहर कराया जाए तथा नो-व्हीकल जोन और प्रतिबंधित मार्ग व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए। नामित पर्यवेक्षण अधिकारियों को रात्रि एवं दिन में भ्रमण कर ड्यूटी प्वाइंट्स की ब्रीफिंग व सत्यापन करने तथा आवश्यकतानुसार मौके पर ही सुधारात्मक निर्देश देने को कहा गया। उन्होंने यह भी बताया कि अटेंडेंस शीट पर ड्यूटीरत कर्मियों के हस्ताक्षर से ड्यूटी अनुशासन में सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, अतः प्रत्येक ड्यूटी अवधि में दो बार हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से कराए जाएं, जिससे उत्तरदायित्व और सतत उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। अंत में पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, घाट सुरक्षा और निकासी व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी इकाइयाँ आपसी समन्वय से कार्य करें और किसी भी स्थिति में मेला व्यवस्था प्रभावित न होने दें। इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था), पुलिस अधीक्षक माघ मेला, पुलिस उपायुक्त नगर, गंगानगर व यमुनानगर, अपर जिलाधिकारी (मेला), अपर जिलाधिकारी (नगर) सहित पुलिस, प्रशासन एवं अन्य इकाइयों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। माघ मेला–2026 की यह तैयारियां यह संदेश देती हैं कि जब अनुशासन, समन्वय और सेवा भाव एक साथ आगे बढ़ते हैं, तब आस्था का महासमागम न केवल सुरक्षित बनता है, बल्कि प्रशासनिक उत्कृष्टता का उदाहरण भी रचता है।

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