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गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025

अवैध खनन माफियाओं का जल्द होगा खुलासा, पत्रकारों ने जिला प्रशासन को सौंपा लिखित ज्ञापन

लीज न पट्ठा चरिहारी , चंदनवा, अबहा, कंचनपुर आदि क्षेत्रों में हो रहे अवैध खनन माफियाओं का जल्द होगा खुलासा मीडिया रिपोर्टर और पत्रकारों ने जिला प्रशासन को सौंपा लिखित ज्ञापन जल्द कार्रवाई का आश्वासन

प्रयागराज यमुनापार तहसील  बारा  अंतर्गत चरिहारी, चंदनवा,अमहा,कंचनपुर,बरदहिया सहित आसपास के क्षेत्रों में खनन माफियाओं का आतंक पूरे इलाके में फैला हुआ है। स्थानीय लोगों और मीडिया रिपोर्टर, पत्रकारों के अनुसार, भारी मात्रा में अवैध खनन और परिवहन, ब्लास्टिंग खुलेआम किया जा रहा है। समाचार नेशन टीवी (राष्ट्रीय चैनल)बालेंद्र कुमार एवं पत्रकारों ने बताया कि उन्होंने क्षेत्र का दौरा कर अवैध खनन की फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए हैं। दौरे के दौरान देखा गया कि खनन माफिया भारी वाहनों और ट्रैक्टरों से अवैध खनन सामग्री परिवहन कर रहे थे, जबकि प्रशासन और स्थानीय पुलिस अब तक मूकदर्शक बने हुए हैं। स्थानीय लोगों और पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि अब चुप्पी नहीं बर्दाश्त की जाएगी। मीडिया द्वारा संकलित सबूत—ट्रैक्टर, वाहन, अवैध खनन सामग्री और नाम सहित—जल्द ही जिला अधिकारी के समक्ष पेश किए जाएंगे। इसके बाद ही प्रशासन को मजबूर होकर अवैध खनन पर रोक लगानी और अवैध खनन माफियाओं के ऊपर न्यायोचित कार्यवाही करनी पड़ेगी। अवैध  खनन माफियाओं का बेहिसाब आतंक, प्रशासन की उदासीनता ने बढ़ाई स्थानीय जनता की नाराजगी अवैध खनन की खबर प्रकाशित करने के बाद खनन माफियाओं ने फर्जी लेन-देन का षणतंत्र प्रत्यक्ष धमकियां देना शुरू कर दिया। मोबाइल तोड़ने, मोटर साइकिल को नुकसान पहुँचाने और जान से मारने की खुली धमकी ने इलाके में आतंक और दहसत फैला दिया है। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन अब तक सिर्फ मौखिक आश्वासन दे रहा है, जबकि जमीन पर कोई रोकथाम नहीं हुई। खनन माफियाओं का यह बेरोक - टोक और बेहिसाब कब्जा इलाके के पर्यावरण और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। रिपोर्टर बालेंद्र कुमार ने बताया कि दौरे के दौरान खनन माफियाओं ने खुलेआम खनन किया और परिवहन जारी रखा। स्थानीय लोगों ने बताया कि खनन माफियाओं के रसूख और पुलिस की उदासीनता के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मीडिया और ग्रामीणों ने सख्त चेतावनी दी है कि अब अवैध खनन नहीं चलेगा। पर्यावरण की सुरक्षा को खतरा और प्रशासन की निष्क्रियता उजागर करने के लिए सबूत—नाम, फोटो, वीडियो और ट्रैक्टर सहित—जल्द ही जिला अधिकारी के समक्ष पेश किए जाएंगे। प्रशासन को चाहिए कि वह तुरंत प्रभावी कार्रवाई करे, नहीं तो खनन माफियाओं का असली चेहरा पूरे जिले में उजागर होगा। शासन प्रशासन के ऊपर भी संदेहास्पद उंगली उठाई जा रही है। यदि समय रहते कार्यवाही नहीं हुई तो जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।स्थानीय लोग और मीडिया दोनों इस बात पर एकमत हैं कि अवैध खनन माफियाओं का यह आतंक अब खत्म होना चाहिए। अब वक्त है, कार्रवाई का—वरना खनन माफियाओं का भयावह खेल पूरी तरह सामने आएगा। जिन्होंने बिना किसी सबूत के मीडिया एवं पत्रकारों के ऊपर दबाव बनाने के लिए फर्जी बयान दिया है वो यह तो स्वयंम स्वीकार कर रहे हैं कि हमसे एक हजार और तीन हजार रुपए लिए तो आने वाले समय में इनको सिद्ध भी करना होगा। और खबरें जो प्रकाशित हुई थी उसके सबूत पूरी तरह से पुख्ता है।

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