बारिश की भेंट चढ़ा जिले भर में प्रसिद्ध 2 दिवसीय अमुआरा का मेला व राम-रावण का विख्यात युद्ध, दुकानदारों को भारी नुकसान
भीमापार हर वर्ष की भांति इस साल दशहरे का मेला 2 अक्टूबर को और भरत मिलाप 3 अक्टूबर को क्षेत्र के अमुआरा गाँव में मनाया गया। अमुआरे का मेला जिले के बड़े मेलों में शुमार है लेकिन दो दिन से लगातार हो रही बारिश के चलते रामलीला मैदान में भारी कीचड़ व पानी भरा हुआ है। वहीं पूरे दिन बारिश होने के चलते ये कीचड़ बढ़ता ही गया। जिसके चलते पानी नहीं सूख सका और मेला बर्बाद हो गया। इस समय रामलीला मैदान में चारों ओर जलभराव व कीचड़ है। जिस जगह राम-रावण युद्ध और भरत मिलाप होता है, वहां भी कीचड़ है। वहां पर मेले का संचालन कर रहे लोगों ने सफाई की शुरुआत की लेकिन बरसात ने फिर साथ नहीं दिया और कीचड़ हो गया। बता दें कि यहां सैकड़ों वर्षों से हर साल अमुआरे के रामलीला मैदान में दशहरा मेला होता है। जहां राम-रावण का विख्यात युद्ध होता है। मैदान में मेला भी लगता है। जहां बच्चों के लिए मेले में झूले व खिलौने की दुकानों के साथ ही खाने पीने की दुकान लगती हैं। लोगों के मनोरंजन के लिए वैरायटी शो भी चलते हैं। प्रतिवर्ष आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों की भीड़ मेले में पहुंचती है और राम व रावण के बीच के युद्ध देखती है। लेकिन बारिश के चलते सब खराब हो गया। मेला संचालकों की ओर से रामलीला मैदान के युद्ध स्थल व मेला ग्राउंड की साफ-सफाई के लिए प्रयास शुरू किया गया, लेकिन मौसम ने साथ नहीं दिया। गुरूवार को बारिश के चलते जलभराव के साथ ही पूरे मैदान में गंदगी पसरी है। इस बरसात से सभी को समस्या हो रही है। इसके बावजूद दशहरा मेला क्षेत्र में दुकानदार चारपाई व तिरपाल बिछाकर दुकानों को लगाये हुए बारिश के रूकने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन रात तक बारिश नहीं रूक सकी। ऐसे में मेले में दुकानदारों का बुरा हाल है। बताया कि बारिश के चलते मेले में लोग नहीं पहुंच रहे हैं। जिससे हमारा हजारों रूपए का नुकसान हो जाएगा। बताया कि हमने करीब 40 हजार रुपये की खरीददारी की थी, लेकिन बारिश ने हमारे सपनों पर पानी फेर दिया।
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