निजी अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसूता की मौत के बाद बवाल पर पहुंचे एसडीएम, अस्पताल संचालक, एएनएम व आशा कार्यकत्री सहित 5 पर मुकदमा
कासिमाबाद थानाक्षेत्र के बांका मोड़ स्थित निजी अस्पताल में फिर लापरवाही के चलते प्रसूता की मौत होने की घटना सामने आई है। जिसके बाद बीती रात मृतका के परिजनों ने जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया। जिसके बाद पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर संचालक, एएनएम व आशा कार्यकत्री सहित 5 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। बहादुरगंज के वार्ड 7 निवासिनी 23 वर्षीय दया साहनी की शादी मऊ के कोटवा कोपड़ा निवासी लक्ष्मण साहनी संग हुई थी। गर्भवती होने के चलते दया अपने मायके आ गई थी। इस बीच उन्हें प्रसव पीड़ा हुई तो उन्होंने आशा कार्यकत्री उषा साहनी व एएनएम जयमाला सिंह यादव को सूचित किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रसव पीड़ा की बात का पता चलते ही एएनएम व आशा कार्यकत्री ने 16 सितंबर को प्रसव के लिए उसे कासिमाबाद-बहादुरगंज रोड स्थित बांका मोड़ पर मौजूद एसके अस्पताल में भेज दिया। आरोप लगाया कि वहां गर्भवती का ऑपरेशन कर प्रसव करा दिया गया। लेकिन लापरवाही के चलते प्रसूता का खून अधिक बह गया। हालत बिगड़ते ही अस्पताल ने बिना हमें जानकारी दिए प्रसूता को पड़ोसी जिले में रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों में आक्रोश पैदा हो गया और रात में ही भारी संख्या में ग्रामीण अस्पताल के बाहर पहुंचकर वहां जमकर हंगामा किया। अस्पताल संचालक वाहिदयार खान पिंटू पर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल की लापरवाही के चलते ये घटना हुई। आरोप लगाया कि इसके पूर्व भी इस अस्पताल पर आरोप लगे लेकिन मामले दबा दिए गए। इधर बवाल की सूचना पाकर मौके पर एसडीएम लोकेश कुमार पहुंचे और परिजनों को समझाया बुझाया। इसके बाद रात करीब 11 बजे एसडीएम के समझाने व मुकदमा दर्ज कराने के आश्वासन पर परिजन माने। जिसके बाद मृतका के पति की तहरीर पर पुलिस ने अस्पताल संचालक सहित एएनएम, आशा कार्यकत्री, चिकित्सक डॉ. राकेश चौधरी व डॉ. शमां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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