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बुधवार, 10 सितंबर 2025

सीएम ने शिलान्यास कर जलाया महर्षि वशिष्ठ की पावन धरती पर शिक्षा का नया दीप

बस्ती। शिक्षा का सूर्योदय जब संस्कृति की तपोभूमि पर होता है, तो उसका प्रकाश पीढ़ियों तक मार्गदर्शक बन जाता है। आज जनपद बस्ती की पवित्र भूमि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, विद्या भारती के सरस्वती विद्या मंदिर, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के नवीन प्रकल्प का भूमि पूजन एवं शिलान्यास कर एक नए युग की आधारशिला रखी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि “सरस्वती शिशु मंदिर केवल विद्यालय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का केंद्र है, जहां बच्चों के भीतर भारत और भारतीयता की जड़ों को सींचा जाता है। यहां शिक्षा के साथ-साथ कर्तव्यबोध का संस्कार मिलता है, जो उन्हें सुयोग्य नागरिक बनाता है।”

मुख्यमंत्री ने गर्वपूर्वक उल्लेख किया कि सरस्वती विद्या मंदिर से निकले छात्र आज जीवन के हर क्षेत्र में समाज को नेतृत्व दे रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने में अपनी प्रतिबद्धता से योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश का युवा अपने ही गांव, क्षेत्र और जनपद में रोजगार एवं अवसर पाकर न केवल आत्मनिर्भर बन रहा है, बल्कि प्रदेश की समृद्धि का भागीदार भी बन रहा है।

महर्षि वशिष्ठ की तपोभूमि पर शिक्षा का यह शंखनाद आने वाली पीढ़ियों को न केवल ज्ञान देगा, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव का संवाहक भी बनाएगा।

यह सिर्फ शिलान्यास नहीं था, बल्कि “समृद्ध भारत” की ओर बढ़ते कदमों की पवित्र प्रतिज्ञा थी।

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