गोरखपुर मे चित्रगुप्त मंदिर सभा के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मिलित हुए।
गोरखपुर मुख्यमंत्री ने कहा,देश में कायस्थ समाज एक प्रबुद्ध और पढ़ा-लिखा समाज माना जाता है। धर्म, अर्थ, प्रशासन, व्यवसाय, चिकित्सा एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हुए इस समाज के विभिन्न महापुरुषों ने देश की प्रगति व उन्नति हेतु अपना विशिष्ट योगदान दिया है।सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीचित्रगुप्त मंदिर सभा की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। वहीं, जिले के बक्शीपुर चौक का नाम बदलकर श्रीचित्रगुप्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी मुख्यमंत्री ने श्रीचित्रगुप्त मंदिर सभा की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। इसके अलावा बक्शीपुर चौक का नाम बदलकर श्रीचित्रगुप्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि जीवन का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जिसमें कायस्थ समाज के महापुरुषों ने अपना विशिष्ट योगदान न दिया हो। कायस्थ समाज ने सिर्फ कलम ही नहीं, तलवार की भी पूजा की है।योगी ने कहा कि समाज यह जानता है कि कलम और तलवार दोनों के समन्वय से ही समाज व राष्ट्र की व्यवस्था चलती है। सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा की विशिष्ट काया से कायस्थ का प्रादुर्भाव हुआ है। भगवान श्रीचित्रगुप्त को कर्म की साधना के अनुसार सृष्टि का लेखा-जोखा रखने वाले और श्रेष्ठ कार्य करने की प्रेरणा देने वाले भगवान की प्रतिष्ठा प्राप्त है।सीएम योगी ने कहा कि कायस्थ समाज को प्रबुद्ध समाज माना जाता है। धर्म, अर्थ, प्रशासन, व्यवसाय, विधि, कला, चिकित्सा, शिक्षा समेत हरेक क्षेत्र में इस समाज ने विशिष्ट योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि गुलामी के कालखंड में देश जब भारतीयता की विस्मृति के दौर से गुजर रहा था तब शिकागो में गर्व से कहो हम हिन्दू हैं का उद्घोष कर भारतीयता के मानव कल्याण का मंत्र का स्मरण कराने वाले स्वामी विवेकानंद कायस्थ कुल परंपरा से ही थे।
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