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सोमवार, 25 अगस्त 2025

काशी में स्थापित होगी UP की सबसे बड़ी 16 फीट की श्रीगणेश की प्रतिमा मुंबई से आज 14 प्रतिमाएं पहुंची.

काशी में स्थापित होगी UP की सबसे बड़ी 16 फीट की श्रीगणेश की प्रतिमा मुंबई से आज 14 प्रतिमाएं पहुंची.

वाराणसी अब विघ्न विनायक गणपति बप्पा का काशी में दरबार सजेगा। गणेशोत्सव पर इस बार भी मुंबई से आईं लालबाग के राजा की मूर्तियां स्थापित होगी। 14 प्रतिमाएं रविवार को काशी आएंगी, जो पूर्वांचल के अलावा बिहार के पूजा पंडालों में स्थापित होंगी। इसमें से बनारस में तीन प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।उत्तरप्रदेश में गणेश जी की सबसे बड़ी 16 फीट की प्रतिमा काशी में स्थापित होगी। इस बार जिले में 40 से अधिक पूजा पंडाल सजेंगे। 27 अगस्त से मराठी समाज आठ दिनों तक गणेशोत्सव धूमधाम से मनाएगा।
पूर्वांचल में गणेशोत्सव बड़े उत्साह के पिछले 200 साल से मनाया जाता है। यहां पिछले 20 साल से यहां लालबाग के राजा की प्रतिमूर्ति स्थापित की जाती है और मुंबई की तर्ज पर यहां उत्सव मनाया जाता है। इस बार भी बड़ी संख्या में शहर में गणेश प्रतिमाएं आ रही हैं।श्रीकाशी मराठा गणेशोत्सव समिति के संरक्षक सुहास पटेल ने बताया कि इस बार सबसे ज्यादा लालबाग के राजा की प्रतिमूर्ति की प्रतिमाएं मंगाई जा रही हैं। इसमें से ठठेरी बाजार की शेरवाली कोठी, आईआईटी बीएचयू और अखरी बाईपास के एक अस्पताल में मूर्तियां स्थापित कर पूजा की जाएगी।सभी प्रतिमाएं लालबाग के राजा की प्रतिमा बनने वाले कारखाने में तैयार हो गई हैं। ये सभी इको फ्रेंडली और चार से छह फीट तक की हैं। इन प्रतिमाओं को कंटेनर में रखकर मुंबई से 18 अगस्त को रवाना कर दिया गया था जो रविवार को काशी पहुंच जाएंगी।बनारस के कारखानों में भी 30 से अधिक गणेश जी की प्रतिमाएं बन रही हैं। खोजवां स्थित मूर्ति कारखाने में 16 फीट की गणेश प्रतिमा बन रही है। मूर्तिकार अभिजीत विश्वास का दावा है कि यह प्रतिमा उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी प्रतिमा है। इस गणेश प्रतिमा जी को बंशी बजाते और ऋद्धि गणेश जी का हाथ दबाते और सिद्धि उनकी आरती उतारने की मुद्रा में दिखाई गई हैं। गणपति स्पोर्टिंग क्लब की ओर से यह प्रतिमा खोजवां स्थित पुस्तकालय में बैठाई जाएगी।
लालबाग के राजा की मूर्तियों को काशी के अलावा पूर्वांचल के अन्य जिलों में भी स्थापित किया जाएगा। श्रीकाशी मराठा गणेशोत्सव समिति के संरक्षक सुहास पाटिल ने बताया कि प्रतिमाएं गोपीगंज, मुजफ्फनगर, बेगूसराय, मोतीहारी जैसे शहरों में भी विराजेंगी।

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