ईसाई मिशनरियों की करतूत से सैदपुर क्षेत्र के हिंदुओं में आया उबाल, लोगों के मतांतरण के लिए यात्री शेड में लिखे स्लोगन मिटाने को चलाया अभियान
सैदपुर नगर सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों ईसाई मिशनरी काफी सक्रिय हो गए हैं। जिसके चलते इन लोगों द्वारा हिंदू समुदाय के लोगों का षड्यंत्र के तहत छलपूर्वक मतांतरण कराने की अनेक घटनाएं भी बीते कुछ महीनों में सामने आई हैं। इसे लेकर क्षेत्र के हिंदू जनमानस में भारी आक्रोश है। क्षेत्र के भोले भाले ग्रामीणों का मतांतरण के लिए प्रेरित करने के प्रयास में मिशनरियों द्वारा क्षेत्र में फैलाए जा रहे कुचक्र का एक ऐसा ही प्रकरण सामने आया है। क्षेत्र में औड़िहार से लेकर बासूपुर तक के बीच गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन किनारे विभिन्न स्थानों पर बने यात्री शेड में ईसाई मिशनरियों की करतूत देख हिंदुओं में भारी आक्रोश फैल गया। उक्त शेड में मिशनरियों द्वारा लोगों के मतांतरित करने के लिए देर रात घूम-घूमकर स्लोगन लिखे जा रहे हैं। प्रशासन का कई बार ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद इस पर कोई कार्रवाई न होने से क्षेत्र के हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। जिसके बाद शनिवार की शाम को विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अभियान चलाकर उक्त शेड में जाकर उन आपत्तिजनक सभी स्लोगन पर पेंट लगाया और उन्हें मिटाया। बजरंग दल के जिला संयोजक मोहित मिश्र ने स्थानीय पुलिस व प्रशासन को कटघरे में खड़े करते हुए कहा कि बीते काफी समय से क्षेत्र में ईसाई मिशनरियों के कार्यकर्ता चोरी छिपे हिंदू समुदाय को लक्ष्य कर मतांतरण का गंदा खेल खेलने में जुटे हुए हैं। सब कुछ पता होने के बावजूद प्रशासन मौन साधे हुए है। आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन के लोगों ने बीते दिनों कुछ मिशनरियों को रंगे हाथ पकड़ कर पुलिस के हवाले किया था, लेकिन उन पर ठोस कार्यवाही भी नहीं हो सकी। आरएसएस के अनिल सोनकर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन की नाक के नीचे इस प्रकार हिंदुओं का षड्यंत्रपूर्वक मतांतरण चलता रहा, तो हिंदू समाज हाथ पर हाथ धरे बैठा नहीं रहेगा। शिवम दूबे ने हिंदू समुदाय को सतर्क करते हुए कहा कि हिंदू धर्म और संस्कृति को छोड़कर ईसाई मत का अवलंबन करने वाला व्यक्ति केवल धर्मद्रोही ही नहीं बनता है, बल्कि उसकी निष्ठा भी भारत भूमि से बदलकर वेटिकन और ईसाई देशों के प्रति हो जाती है। इस मौके पर शुभम मोदनवाल, अभिनंदन सिंह, धीरेंद्र सिंह, अमित चौरसिया, आशीष श्रीवास्तव, सुजीत सिंह, अमन पाठक सहित बजरंग दल, विहिप, आरएसएस, हिंदू जनजागृति समिति, गायत्री परिवार आदि संगठनों के कार्यकर्ता रहे।
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