Breaking

शनिवार, 16 अगस्त 2025

पति मुख्य गवाह बना, पत्नी को मर्डर मामले में हुई उम्रकैद

कानपुर के जाजमऊ में घरेलू कलह में सास को जिंदा जलाने वाली बहू को अपर सत्र न्यायाधीश-14 ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। पति और दृष्टि बाधित भांजी की गवाही पर उसे कोर्ट ने दोषी करार दिया था। एडीजीसी शिवभगवान गोस्वामी के मुताबिक तिवारीपुर बगिया निवासी सुजीत कुमार ने चकेरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि मेरी शादी लखनऊ के डालीगंज की अंशू उर्फ प्रियंका से 23 नवंबर 2016 को शादी हुई थी। दो बेटे हुए। पत्नी अंशू घर का कोई काम नहीं करती थी। दो नवंबर 2020 की रात अंशू ने मां किरन देवी को तारपीन और मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। मेरे कमरे में बाहर से कुंडी बंद कर दी। मां के चिल्लाने पर मैं उठा तो धक्का देकर दरवाजा खोलने का प्रयास किया। धक्के से कुंडी खुल गई। मां धू-धूकर जल रही थी। इलाज के दौरान दूसरे दिन मां की मौत हो गई।एडीजीसी ने बताया कि कोर्ट में अंशू के पति और दृष्टि बाधित भांजी ने बयान दिया था। भांजी ने कोर्ट को बताया कि नानी ने उसे किचन में अपने साथ सुला लिया था। रात में वह बाथरूम जाने की बात कहकर निकलीं और थोड़ी देर में बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगीं। अंशू बाहर की ओर गई तो दरवाजा बंद था। उसके मामा को भी मामी ने बाहर से कुंडी लगाकर बंद कर दिया था। मामी ने धक्का देकर गिरा दिया जिससे सिर पर चोट लग गई थी।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Post Comments