Breaking

गुरुवार, 7 अगस्त 2025

बाढ़ में घिरे पीड़ित कैसे बनाएं भोजन, समस्या महसूस कर तहसील प्रशासन ने एक दिन में बांटे 2400 पैकेट पके हुए भोजन

बाढ़ में घिरे पीड़ित कैसे बनाएं भोजन, समस्या महसूस कर तहसील प्रशासन ने एक दिन में बांटे 2400 पैकेट पके हुए भोजन, 470 परिवारों को राहत सामग्री

खानपुर गोमती नदी की भयावह बाढ़ में अब चारो तरफ से घिर चुके गौरहट व तेतारपुर गांवों में फौरी तौर पर राहत के लिए राहत किट व पके हुए हजारों लंच पैकेट का वितरण किया गया। बाढ़ की इस विभिषिका में अपना घर आदि छोड़कर सुरक्षित व ऊंचे स्थान पर रह रहे लोगों के विशेष रूप से पके हुए लंच पैकेट का वितरण किया जा रहा है। बुधवार को तेतारपुर व गौरहट गांव के लोगों में लंच पैकेट का वितरण करते हुए तहसीलदार हिमांशु सिंह ने बताया कि सुबह व शाम दोनों वक्त पके हुए भोजन के पैकेट का वितरण किया जा रहा है। कहा कि इन दोनों गांवों के लोगों के सामने भोजन पकाने की भी विकट समस्या है। ऐसे में प्राथमिकता के तौर पर यहां पके हुए भोजन के पैकेट वितरित किए गए हैं। ताकि वो तत्काल भोजन कर सकें। तत्काल खाने के लिए पके हुए भोजन के पैकेट पाकर भूख से परेशान अधिकांश बाढ़ पीड़ितों के चेहरे खिल उठे। बताया कि इस दौरान सुबह के समय में करीब 1200 पैकेट व शाम के समय करीब 1200 पैकेट भोजन का वितरण किया गया। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आर. सब्बनवाड़ व तहसीलदार हिमांशु सिंह ने तेतारपुर गांव में कुल 370 परिवारों में व गंगा की बाढ़ से प्रभावित पटना गांव के कुल 100 परिवारों में राहत किट का वितरण किया। बताया कि गौरहट गांव में गुरूवार को किट का वितरण किया जाएगा। तहसीलदार ने बताया कि राहत किट में 2 किलो अरहर दाल, 2 किलो भुना चना, 2 किलो सूखा चना, 1 किलो चीनी, 10 पैकेट बिस्कुट, 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 1 किलो नमक, 1 लीटर सरसो तेल/रिफाइंड, 5 किलो आलू, 1 पैकेट माचिस, 1 पैकेट अरगबत्ती, हल्दी, मिर्च, मशाला के अलावा ढाई किलो लाई का पैकेट, एक बाल्टी-मग, तिरपाल आदि को शामिल किया गया है। इन्हीं का वितरण बाढ़ पीड़ितों में किया जा रहा है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Post Comments