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मंगलवार, 7 मई 2024

लेटे हुए हनुमान मंदिर में सुबह की आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए लागू हुआ ड्रेस कोड

 प्रयागराज के संगम पर स्थित है हनुमान मंदिर अपनी लेटे हुए मुद्रा और प्रयागराज संगम पर होने के कारण यह मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटनों के केंद्र में रहता है अब मंदिर प्रशासन की ओर से सुबह की आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू कर देने से ये मंदिर चर्चा में आ गया हैअगर आप भी संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन करने जाते हैं और सुबह की आरती में शामिल होना चाहते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि यहां पर नया ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है अब आप मॉडर्न ड्रेस पहन कर बड़े हनुमान मंदिर में सुबह की आरती में शामिल नहीं हो सकेंगे ऐसे कपड़ों में नहीं मिलेगी एंट्री इसमें जींस-शर्ट और ऐसा ड्रेस जिससे अंग प्रदर्शित हो रहा हो तो ऐसे कपड़ों में आपको एंट्री नहीं मिलेगी आपको सुबह की आरती में शामिल होने से रोक दिया जाएगा मंदिर में आरती विशेष परिधान को धारण करके ही होगी आरती में शामिल होने वालों के लिए धोती पहना जरूरी होगा साथ ही भक्तों को सिर पर गमछा भी रखना अनिवार्य कर दिया गया है आरती में ये नियम लागू रहेगा
वहीं मंदिर के मुख्य पुजारी और आचार्य बलबीर गिरी का कहना है कि सनातन धर्म में पूजा पाठ के विधि विधान को मानना चाहिए इससे भक्ति भाव में मन बना रहता है उन्होंने कहा कि सुबह से लेकर शाम तक ड्रेस कोड को तो लागू नहीं किया जा सकता लेकिन आरती में ये नियम लागू रहेगा।इन मंदिरों में पहले से लागू हैं ड्रेस कोड वैसे तो देश के कई प्रमुख मंदिरों में दर्शन करने के लिए ड्रेस कोड लगाया गया है लेकिन प्रयागराज में भी ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां पर दर्शन के लिए विशेष कपड़े पहनने पड़ते हैं इसमें प्रमुख है मनकामेश्वर मंदिर जहां महिलाएं साड़ी सलवार सूट पहन कर ही भगवान शिव का दर्शन कर सकती हैं महिलाओं को जींस शर्ट टॉप या अन्य मॉडर्न कपड़े पहनकर मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाता है इसके अलावा चौक में स्थित जैन मंदिर में भी भारतीय परंपरागत ड्रेस को ही पहनकर प्रवेश देता है अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सादे कपड़ों में विचार ठीक रहते हैं और मन का भटकाव नहीं होता है।

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