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रविवार, 5 मई 2024

कैथी टोल प्लाजा पर दबंग टोलकर्मियों ने टोल टैक्स को लेकर महिलाओं व 2 माह के बच्चे सहित दर्जन भर तीर्थयात्रियों को पीटा

कैथी टोल प्लाजा पर दबंग टोलकर्मियों ने टोल टैक्स को लेकर महिलाओं व 2 माह के बच्चे सहित दर्जन भर तीर्थयात्रियों को पीटा, 2 की हालत गंभीर

कैथी/मौधा। क्षेत्र के कैथी स्थित टोल प्लाजा पर टोल टैक्स को लेकर टोलकर्मियों व तीर्थ यात्रियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। वाहन में मौजूद लोगों का आरोप है कि टोल कर्मियों ने उन्हें घेरकर बुरी तरह से मारापीटा। घटना के बाद टोल प्लाजा पर हाईवे जाम हो गया। मौके पर कई थानों की फोर्स पहुंच गई। शादियाबाद के डिहवां लखमनपुर से एक परिवार के करीब दो 2 दर्जन लोग 2 बोलेरो में भरकर दर्शन पूजन के लिए कैथी स्थित मारकंडेय महादेव धाम गए थे। वहां से दर्शन करके सभी वापिस लौट रहे थे। तभी टोल प्लाजा पर वाहन से टैक्स को लेकर विवाद हो गया। पीड़ित रामाशीष राजभर 30 पुत्र बिहारी ने बताया कि वहां हमारे वाहन पर लगे फास्टैग से रूपए भी कट गए। इसके बावजूद टोलकर्मी हमसे विवाद करने लगे। बताया कि उन्होंने मेरे बड़े भाई राजू राजभर 40 को वहां मौजूद मनबढ़ टोल कर्मियों ने धक्का दे दिया। जिसके बाद उन्हें उठाने के लिए उसकी भयोह निकली तो मनबढ़ कर्मियों ने उसे भी मारा। जिसके बाद गाड़ी में मौजूद बच्चे व महिलाओं सहित पुरूष निकले तो मनबढ़ टोलकर्मियों ने लाठी डंडा निकालकर सभी को बुरी तरह से पीटना शुरू कर दिया। जिसमें महिलाओं व बच्चों सहित करीब 12 लोग घायल हो गए। पीड़ित रामाशीष ने बताया कि उसके साथ ही मेरी पत्नी कुसुम देवी 25, मेरा महज 2 माह का बेटा आशीष, मेरी बेटी 6 साल की खुशी, मेरा भांजा 6 साल का अर्जुन, मेरे बड़े भाई राजू राजभर 40, राजू की पत्नी नीलम राजभर 35, उनका छोटा भाई राहुल राजभर 26, राहुल की पत्नी रीमा देवी 23, राजू की मां कुसुम देवी 50 पत्नी बिहारी, राजू की मौसी, मौसी का लड़का सूरज राजभर 32 व सूरज के दो भाई भी घायल हो गए। पीड़ितों में से अधिक घायल रामाशीष व राजू को तत्काल सैदपुर सीएचसी लाया गया। वहीं पीड़िता रीमा ने बताया कि उनसे मंगलसूत्र भी बदमाशों ने छीन लिया। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल रामाशीष व राजू को तत्काल सैदपुर सीएचसी लाया गया। वहीं हाईवे पर जाम लग गया। मौके पर कई थानों की फोर्स पहुंची और स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया। बता दें कि लगभग सभी टोल प्लाजा पर आमतौर पर मनबढ़ किस्म के कर्मियों को वसूली के लिए रखा जाता है, ताकि वो दबंगई के दम पर टोल की वसूली कर सकें। कई बार ऐसे कर्मियों की मनबढ़ई का ही शिकार होकर लोग सही होने के बावजूद विरोध नहीं कर पाते। वहीं इस मामले में पुलिसकर्मियों की भी पूरी तरह से मिलीभगत होती है, जिसके चलते उनके शह पर ये और ज्यादा दबंगई करते हैं।

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